संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में बुधवार को उपायुक्त (डीसी) प्रीति ने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है और आमजन के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन फील्ड स्तर पर आपसी समन्वय से ही संभव है।
डीसी ने लिंगानुपात में सुधार के लिए फील्ड वर्कर्स के बीच समन्वय, सूचनाओं के आदान-प्रदान और आंकड़ों के विश्लेषण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध लिंग जांच व अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें जागरूक किया जाए।
डीसी प्रीति ने कहा कि जिन गांवों में लिंगानुपात बेहद खराब है, वहां के आंकड़ों का गहनता से विश्लेषण किया जाए और कारणों की पहचान कर कार्रवाई की जाए। यदि किसी क्षेत्र के आंकड़ों में संदेहजनक अंतर मिले तो उसकी सूचना प्रशासन को दी जाए, ताकि पुलिस को वहां सक्रिय किया जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एसएमओ संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, नगर पालिका प्रतिनिधियों, शिक्षकों और अन्य अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें करें ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी हो सके।
डीसी ने कहा कि आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य सेवाएं लेने वालों की समय-समय पर काउंसलिंग की जाए। लोगों को समझाया जाए कि बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं है और किसी के बहकावे में आकर लिंग जांच या अवैध गर्भपात जैसी गतिविधियों से बचें।
इसके अतिरिक्त डीसी ने निरोगी हरियाणा योजना, आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण अभियान, मलेरिया और डेंगू नियंत्रण सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा की।