कैथल जिले के कौल गांव में बन रहे सामुदायिक केंद्र की निर्माण गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। जिला परिषद ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
कैथल। कौल गांव में बन रहा सामुदायिक केंद्र इन दिनों विवादों में है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में निम्न गुणवत्ता की ईंटें व सामग्री इस्तेमाल की जा रही है। लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जिला परिषद पदाधिकारियों और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बिल्डिंग में थर्ड क्वालिटी की ईंटें लगाई जा रही हैं, रेत-बजरी भी मानकों के अनुरूप नहीं है और नींव ठीक तरह से नहीं खोदी गई। वीडियो में ग्रामीणों ने ईंटों को आपस में टकराकर तोड़कर भी दिखाया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही से भविष्य में लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन दीप मलिक ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि कौल गांव में बन रहे सामुदायिक केंद्र में घटिया क्वालिटी की सामग्री इस्तेमाल हो रही है। उन्होंने कहा कि वे मामले को जिला परिषद के उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाएंगे और मांग करेंगे कि जांच कर ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए। साथ ही जिम्मेदार जेई और एसडीओ को निलंबित किया जाए, ताकि भविष्य के कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
उधर, जिला परिषद के चेयरमैन कर्मवीर कौल ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी केवल नींव कार्य शुरू हुआ है और मिट्टी जैसी सामग्री मजबूती के लिए प्रयोग में लाई जा रही है। पिलर और डीपीसी डालने के बाद असली निर्माण सामग्री का प्रयोग होगा। चेयरमैन ने कहा कि यदि किसी को शंका है तो वह संबंधित दस्तावेजों के साथ बैठक में आकर बातचीत करे। जिला परिषद के सीईओ सुरेश रावीश ने कहा कि सामुदायिक केंद्र निर्माण मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।