संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की आठ मंडियों में वीरवार को 8085.42 क्विंटल धान की आवक हुई, लेकिन एमएसपी पर महज 2230 क्विंटल धान की ही बिक्री हो पाई। नई अनाज मंडी में धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी होने के कारण चारों ओर धान की ढेरियां लगी हुईं नजर आईं। किसानों ने कहा कि इस बार सभी किस्म की धान का झाड़ कम है, जिससे उन्हें दोहरी माल झेलनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि मंडी प्रशासन अधूरी व्यवस्थाओं के बावजूद धान की खरीद कर रहा है। उन्हें पूरा दाम नहीं मिल रहा है।
धान खरीद में राइस मिलरों के पंजीकरण न होने की वजह से आवक तो हो रही है, लेकिन खरीद न होने से मंडियों में धान के ढेर लग गए हैं। वहीं, किसान दो दिन इंतजार के बाद प्राइवेट कंपनियों को कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। कंपनियां धान में 20 से 28 प्रतिशत तक नमी होने का हवाला देकर खरीद नहीं कर रही हैं।
नाराज किसानों का कहना है कि वे इलेक्ट्रॉनिक कांटों की बजाय सामान्य कांटे से धान तुलवाने को तैयार हैं। उनका तर्क है कि डिजिटल कांटों में अधिक हेरफेर होता है और इसमें वजन निर्धारित करने में अंतर रहता है। वहीं, मंडी में धान बेचने आए किसानों का कहना है कि अब 1509 रेट में भी 300-400 रुपये की गिरावट आ गई है। प्राइवेट कंपनियां जहां पहले 3200 रुपये तक दे रही थीं, अब 2900 या उससे कम मूल्य दे रही हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और उनकी लागत भी पूरी नहीं हो रही है।
नई अनाज मंडी कैथल में बुधवार को एमएसपी पर 980 क्विंटल धान की खरीदारी हुई। वेयर हाऊस व खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से यह खरीद की गई है। धान में इस बार नमी ज्यादा है इस कारण से राइस मिलर भी खरीदारी में ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहे हैं। किसानों को हिदायत दी जाती है कि अपनी फसल पूरी सूखाने के बाद ही मंडी में लेकर आए ताकि इसकी समय पर बिक्री हो सके। -नरेंद्र ढुल, मंडी सचिव, कैथल नई अनाज मंडी
आठ मंडियों में धान की आवक
मंडी
धान की आवक
गुहला चीका
1638.30
ढांड
1260.00
नई अनाज मंडी कैथल
1710.20
पाई
1460.10
पूंडरी
1486.40
राजौंद
140.10
कलायत
190.20
सीवन
200.12
कुल
8085.42 क्विंटल में