संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। जल जीवन मिशन के तहत वीरवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की तरफ से राजौंद बीडीपीओ सभागार में एकदिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन आयोजित किया गया। कार्यशाला में जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भविष्य की प्यास बुझाने के लिए आज से जल का संरक्षण करें। ऐसा न किया तो जल संकट विकराल होगा।
कार्यशाला में राजौंद खंड के सभी सरपंचों, पंचों, ग्राम सचिवों व स्वयं सहायता समूह ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करना था। जिला सलाहकार दीपक कुमार ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में भारत में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता 1486 घन मीटर रह गई है। जो जल संकट की स्थिति की ओर इशारा करती है। यदि जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं अपनाएं गए तो 2030 तक देश में पानी की मांग उपलब्धता से दोगुनी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि एक सामान्य भारतीय परिवार रोज़ाना 135 लीटर पानी उपयोग करता है। जिसमें से लगभग 40 प्रतिशत पानी बर्बाद हो जाता है। कार्यशाला की अध्यक्षता कनिष्ठ अभियंता राहुल कैरों ने की। इस मौके पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की अटल भूजल योजना से आईईसी एक्सपर्ट विक्रम सिंह अटल भूजल योजना के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।