संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव नरड़ के में पूजा अर्चना के साथ कुटिया मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा हुई। सुबह के समय मंदिर में श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चारण व हवन किया और विशेष पूजा अर्चना की। इसके बाद पूरा दिन महिलाओं ने भगवान शिव के भजन गए और नृत्य किया। भगवान शिव की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का पूरा कार्यक्रम समस्त गांव के सहयोग से सफल हुआ। इस कार्यक्रम के देखरेख पंच सुनील शर्मा ने की।
गौरतलब है कि भगवान शिव की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के लिए कुटिया मंदिर में बीते एक सप्ताह से विशेष पूजा अर्चना चल रही थी। गांव की महिला सुबह सात बजे से 11 बजे तक पूजा अर्चना करती थी, इसके बाद दिनभर कीर्तन चलता था। इसके बाद शाम को फिर पूजा अर्चना होती थी।
यह सब कार्य समस्त गांव के सहयोग से पंडित सुनील के नेतृत्व में हुआ है। महाशिवरात्रि के दिन कुटिया मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति स्थापित की गई है। अब गांव के श्रद्धालु कुटिया मंदिर में स्थित शिव मंदिर में भी भगवान शिव की पूजा अर्चना कर सकेंगे। जो श्रद्धालु कावड़ लाते हैं वह भी इसी शिव मंदिर में अपनी कावड़ को चढ़ा सकेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भी हंसा नाथ मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति स्थापित है। दो जगह भगवान शिव का मंदिर होने से मंदिर में पूजा अर्चना के लिए लगने वाली भीड़ भी कम होगी। श्रद्धालु आराम से व कम समय में दर्शन कर सकेंगे। महिला श्रद्धालु कमलेश, आरती, सोनिया, पूजा, कुसुम ने कहा कि भगवान शिव की मूर्ति की स्थापना हो गई है।
अब महाशिवरात्रि पर पूजा अर्चना के लिए मंदिर में अधिक भीड़ नहीं होगी। श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर सकेंगे।
राजौंद में स्थापित की नंदी जी की प्रतिमा
राजौंद। शिव दुर्गा मंदिर में नंदी जी की प्रतिमा पूजा व परिक्रमा के बाद स्थापित की। महाशिवरात्रि पर्व पर पूरे नगर की परिक्रमा की गई। यह परिक्रमा मंदिर से शुरू होकर नगर परिक्रमा करते हुए वापस शिव मंदिर में पहुंची। जहां सामने नंदी जी की प्रतिमा स्थापित की गई। इस बारे में जानकारी देते हुए सुखदेव शर्मा ने बताया कि उदयवीर सिंह राणा ने पूरे परिवार के साथ मंदिर में चार दिन तक पूजा का आयोजन करवाया गया। शिवरात्रि के दिन शिव मंदिर के सामने परिक्रमा उपरांत नदी जी की मूर्ति स्थापित की गई। इसमें सभी नागरिकों का भरपूर सहयोग रहा और सभी ने परिक्रमा कर बाबा की पूजा की। इसके बाद मंदिर में प्रसाद वितरित किया। संवाद