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Kaithal News: शिवालयों में लगे हर-हर महादेव के जयकारे

Fri, 08 Mar 2024 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में मंदिरों में पूजा अर्चना हुई। अल सुबह मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। शहर के मुख्य मंदिर श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने बड़े ही उत्साह के साथ भगवान शिव के जयकारों के साथ दर्शन किए। शिवालय बोल बम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने चावल, घी, शहद, गंगाजल, बेलपत्र, गन्ने का रस सहित अन्य सामान के साथ पूजा अर्चना की। शहर के शिव शक्ति धाम मंदिर, हनुमान वाटिका स्थित शिव मंदिर, श्री अंबकेश्वर मंदिर, एसबीआई रोड स्थित शिव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विधि विधान के साथ पूर्जा अर्चना की।

सुख समृद्धि के लिए किया हवन : प्रताप गेट पाडला रोड पर स्थित शिव वाटिका में शिवरात्रि का त्योहार मनाया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में भोले के दर्शन व जलाभिषेक करने के लिए लग गई। इस अवसर पर मंदिर में हवन भी किया। जिसमें मुख्य यजमान के रूप में कमल आहूजा सम्मलित हुए। मुख्य अतिथि के रूप में हैफेड चेयरमैन कैलाश भगत व विशेष रूप से आशीर्वाद देने के लिए महंत हरीश शास्त्री भी मौके पर पहुंचे। प्रधान कृष्ण नारंग ने कहा कि त्रयोदशी के दिन संध्या काल में शिवजी की पूजा और जलाभिषेक बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है। इस अवसर पर भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। इस समय शिवजी और देवी पार्वती की पूजा से मनोकामना पूरी होती है, ऐसा शिव पुराण में बताया गया है। शिवरात्रि के दिन शिव की पूजा करने से शिवजी की सदैव कृपा बनी रहती है। शिवरात्रि के अवसर पर शिवजी की पूजा करने से गृहस्थ जीवन, आरोग्य एवं सुख-शांति दायक मानी गई है। प्रधान कृष्ण नारंग, इंद्रजीत सरदाना, तुलसीदास सचदेवा, रमेश सचदेवा, राज कुमार मुखीजा, कौशल खेत्रपाल, राजेंद्र खुराना, रामकिशन डिगानी, योगराज बत्रा, प्रकाश नारंग, महेंद्र सीकरी, दर्शन लाल मनचंदा, विनोद दुआ बिटटू व महेंद्र खन्ना मौजूद रहे।
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ऐतिहासिक मंदिर भी शिवरात्रि श्रद्धालुओं का लगा तांता (गुहल/चीका) : हरियाणा-पंजाब सीमा के बीच गांव ससा-ससी में एक ऐतिहासिक शिव मंदिर है। उक्त मंदिर की इतनी आस्था है कि सप्ताह के हर सोमवार को सैंकड़ों लोग जल चढ़ाकर माथा टेकते हैं। वहीं वर्ष में दो बार शिवरात्रि के दिन दोनों राज्यों से लाखों लोगों की भीड़ होती है, लेकिन टटियाना बॉर्डर लोगों को रास्ता न खुलने की वजह से श्रद्धालुओं का थोड़ा परेशानियां झेलनी पड़ी। ऐतिहासिक मंदिर में शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने वालों का तांता लगा रहा। वही मंदिर कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए दोनों राज्य की आवाज प्राइवेट स्कूल बसों का इंतजाम किया गया था, जो चीका शहर से ऐतिहासिक मंदिर ससा-ससी के लिए पहुंचने का काम कर रही थी।
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