संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की भाजपा सरकार के उस निर्णय की कड़ी आलोचना की है, जिसमें दिव्यांग और दृष्टिबाधित सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से घटाकर 58 वर्ष कर दी गई है। सुरजेवाला ने कहा कि दिव्यांग कर्मचारियों के अधिकारों पर भाजपा सरकार ने हमला किया है।
सुरजेवाला ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी कर्मचारियों को समान अधिकार मिलना चाहिए। न्यायालय ने यह भी कहा था कि 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता के बीच किया गया भेदभाव असांविधानिक है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) तथा अनुच्छेद 16 (सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर) का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय ने नियम 143 के तहत सभी दिव्यांग कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा का अधिकार दिया था, जो आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम, 2016 की भावना के अनुरूप था। इसके बावजूद भाजपा सरकार ने न्यायालय के आदेश को नजरअंदाज करते हुए न केवल 60 वर्ष तक सेवा का लाभ नहीं दिया, बल्कि पहले से मिल रही दो वर्ष की सेवा वृद्धि को भी समाप्त कर दिया।
सुरजेवाला ने कहा कि सरकार के इस फैसले के बाद 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले तथा दृष्टिबाधित कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किया जाएगा। उन्होंने इस निर्णय को क्रूर, अमानवीय और संवैधानिक मूल्यों व सामाजिक न्याय पर सीधा हमला करार दिया।