संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। बिजली के निजीकरण और प्रीपेड स्मार्ट मीटर स्कीम के विरोध में 31 अगस्त को नरवाना की जाट धर्मशाला में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित होगा। इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यह जानकारी ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा ने ढांड स्थित कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि बिजली निजीकरण, स्मार्ट मीटर स्कीम पर रोक और बढ़ाए गए बिजली दाम वापस लेने की मांग को लेकर यह सम्मेलन होगा। कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों व मजदूरों को जागरूक करें और अधिक से अधिक संख्या में उन्हें सम्मेलन तक लेकर आएं, ताकि सब मिलकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें।
जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने कहा कि हरियाणा सरकार लगातार बिजली का निजीकरण कर रही है। कनेक्शन आवेदन से लेकर बिल भरने तक तमाम शुल्क कई गुना बढ़ा दिए गए हैं। स्मार्ट मीटर लगाने के पीछे भी सरकार का यही उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि गुड़गांव, फरीदाबाद और पानीपत में ऐसे स्मार्ट मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं। यदि बिजली बिल-2023 कानून बन गया तो उपभोक्ताओं पर गंभीर असर होगा, क्योंकि स्मार्ट मीटर को कभी भी प्रीपेड मोड में बदला जा सकता है। प्रीपेड व्यवस्था में उपभोक्ता को अग्रिम भुगतान करना होगा और भुगतान की राशि खत्म होते ही बिजली तुरंत कट जाएगी। यह उपभोक्ताओं के उस मौलिक अधिकार का हनन है, जिसमें अब तक ‘पहले खपत, बाद में भुगतान’ व्यवस्था लागू थी।