संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नशा मुक्त हरियाणा के तहत पुलिस लाइन मैदान पर मंगलवार को नशे के खिलाफ महाकुंभ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली गांव कोटड़ा निवासी आठ वर्षीय बच्ची रीत बनवाला ने नशे के खिलाफ जो संदेश दिया, वह सबको भीतर तक हिला गया।
नशे के खिलाफ अभिभाषण से रीत ने सभी को नशा ना करने का कड़ा संदेश दिया। उसने कहा कि मुझे अपने बुजुर्गाें से शिकायत है कि वे अपने बच्चों के सामने बैठकर बीड़ी, सिगरेट व शराब पीते हैं। इसलिए याद रखना कि हम बच्चे अपने बड़ों से ही सीखते हैं। इसलिए शुरुआत हमें खुद से ही करनी होगी।
रीत ने कहा कि आज हम सबको मिलकर प्रण लेना होगा कि नशे को हम जड़ से खत्म करेंगे। तभी हम सभ्य समाज का निर्माण कर पाएंगे। छोटी सी बच्ची की ओर से अच्छा संदेश देने पर सभी ने प्रशंसा की।
कार्यक्रम में इसमें पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पंचायत, महिला एवं बाल विकास व अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी व पंचों और सरपंचों ने हिस्सा लिया। इस दौरान नशा मुक्त हरियाणा एप पर लोगो को मास्टर ट्रेनर के रूप में जोड़ा गया। इस एप के माध्यम से जिले से करीब 10 हजार लोग जुड़े हैं, जिन्हें पुलिस की ओर से समय समय पर इनको संदेश के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूक किया जाता है।
महाकुंभ के दौरान हरियाणवी लोकगायक कर्मवीर फौजी, सुरेंद्र रोमियो व अनिल धनौरी ने अपने गीतों के माध्यम से नशे के खिलाफ संदेश देते हुए समाज को नशा मुक्त बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एसपी राजेश कालिया ने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से पूरे हरियाणा को नशा मुक्त बनाने के लिए काफी लंबे समय से मुहिम चलाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि मुहिम के लिए जिले में डीएसपी कुलदीप बेनीवाल के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रामलाल, एएसआई ओमप्रकाश, एचसी सुनील कुमार व होमगार्ड शमशेर सिंह की टीम का गठन किया गया है। यह टीम लगातार गांव-गांव जाकर जिलेवासियों को नशा ना करने के बारे में जागरूक कर रही है।
एसपी ने कहा कि नशे जैसी बुराई से बच्चों को बचाने के लिए उनके अभिभावकों सहित पूरे समाज को जागरूक होना पडे़गा। हरियाणा में विभिन्न प्रकार के नशे पांव पसार रहे है, जिसके लिए हम सभी का जागरूक होना समय की मांग है, अन्यथा आने वाली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। अभिभावक अपने किशोर आयु के बच्चों बारे नशे के प्रति जागरूक रहे।
एसपी ने संदेश दिया कि नशा एक सामाजिक बुराई है और इस बुराई से लडऩे के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट होना होगा। तभी हम इस अभिशाप को जड से खत्म कर सकते है। समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस के साथ साथ अन्य विभागों के कर्मचारी-अधिकारी भी अपनी जिम्मेवारी समझते हुए इस कल्याणकारी मुहिम में आहुतियां डालें तथा नशा मुक्त समाज बनाने में सहयोग करें।