संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। नगर में एक परिवार पहचान पत्र में तीन अन्य अज्ञात लोगों के नाम जोड़ने के बाद परिवार की आय 10 लाख रुपये अधिक दिखा दी गई। नतीजा, आय बढ़ने के बाद परिवार का बीपीएल का राशन कार्ड कट गया।
गौरतलब है कि राशन वितरण प्रणाली, पेंशन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं को सरकार की तरफ से परिवार पहचानपत्र के साथ जोड़ा गया है। परिवार पहचान पत्र में दर्शायी गई आय संबंधी खामियों को दूर करवाने के लिए तमाम लोग अब सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना हैै कि उनकी परेशानियों को कोई नहीं सुनता।
इस मामले में पीड़ित परिवार के मुखिया बलवीर सिंह ने बताया कि उनके परिवार तीन सदस्य शामिल थे। जिसमें वह स्वयं, उसकी पत्नी जसवीर और उसका बेटा गुरमीत शामिल है। पहले तो परिवार पहचान पत्र परिवार की वार्षिक आय 25 से 50 हजार तक अंकित थी। जबकि दूसरे परिवार में उसके भाई रमेश, राजेशा व उनकी मां जुनी का है।
उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ साल पूर्व सितंबर 2023 में बिजली निगम ने उनके परिवार पहचान पत्र में किसी दूसरे का मीटर जोड़ दिया और इससे परिवार पहचान पत्र में उनकी आय ढ़ाई लाख बन गई। काफी भागदौड़ करने के बाद किसी तरह अपना परिवार पहचान पत्र ठीक करवाया। परिवार पहचान पत्र के ठीक होने के कुछ दिनों बाद उनके इस परिवार पहचान पत्र में कलाशों व भावना का नाम जोड़ दिया गया। इससे वे परेशान हो गए।
उन्होंने बताया कि जब वे इन दोनों नामों को कटवाने के लिए भाग दौड़ कर रहे थे तो ये नाम काटने की बजाय उनके परिवार पहचान पत्र में एक अन्य व्यक्ति अजीत पुत्र रतना और जोड़ दिया गया और उनके परिवार की आय भी बढ़कर 10 लाख से भी अधिक हो गई। जिससे उनका बीपीएल राशन कार्ड कट गया और अन्य मिलने वाली सुविधाएं भी बंद हो गई।
उन्होंने बताया कि इस बीच उनके बेटे गुरमीत की भी मौत हो गई। इसके बाद भी उसके परिवार पहचान पत्र को ठीक नही किया गया। पीडि़तों ने बताया कि अब 27 फरवरी को उन्होंने इसके लिए हल्का विधायक को भी प्रार्थना पत्र दिया है।
यह मामला अभी संज्ञान में आया है। यदि कोई शिकायत मिलती है समस्या तो दूर करवाया जाएगा। -सोमबीर
जिला संयोजक