संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में शुक्रवार सुबह हल्की धुंध छाई रही। इसके बाद करीब सवा सात बजे धूप निकल आई, जिससे मौसम साफ हो गया। धुंध कम होने के कारण वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। हालांकि पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते दिनभर ठिठुरन बनी रही और धूप में बैठने के बावजूद ठंड का अहसास होता रहा।
जिले का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम में रोजाना उतार-चढ़ाव जारी है। सुबह और शाम ठंड पड़ रही है, जबकि दोपहर में धूप निकलने के बावजूद ठंड से ज्यादा राहत नहीं मिल रही।
पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। एक सप्ताह बाद अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस दौरान आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
उधर, जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सचिन ने बताया कि बदलते मौसम के कारण वायरल बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ये संक्रामक रोग हैं, जो एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलते हैं। वर्तमान में नागरिक अस्पताल में रोजाना औसतन करीब 400 मरीज सामान्य ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या लगभग 300 थी। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह और शाम सिर ढककर रखें, पौष्टिक आहार लें, ठंडी वस्तुओं से परहेज करें, गुनगुना पानी पिएं।
गेहूं की फसल के लिए बारिश वरदान : डॉ. जगबीर लांबा
कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. जगबीर लांबा ने बताया कि मौजूदा ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभकारी है। इससे उत्पादन बढ़ने की संभावना है। हालांकि उन्होंने आगाह किया कि यदि बारिश का दौर लंबे समय तक जारी रहा तो पीला रतुआ रोग का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में किसानों को नियमित रूप से फसल की निगरानी करनी चाहिए।
आने वाले दिनों में दोपहर के समय ठंड से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन सुबह और शाम ठंड का असर बना रहेगा। न्यूनतम तापमान में फिलहाल अधिक बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। -डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, मौसम विशेषज्ञ