संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इस बार सावन में मानसून की रफ्तार थम सी गई है, जिससे भीषण गर्मी और उमस ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। सावन के 16 दिन बीतने के बावजूद अब तक पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी। दिन और रात दोनों समय झुलसाने वाली गर्मी और चिपचिपी उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है।
घर, कार्यालय और दुकानों में कूलर व पंखे भी राहत नहीं दे पा रहे। शरीर पर लगातार पसीने की परत और गर्म हवा का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। पिछले 10 दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। कई बार आसमान में बादल छाते हैं लेकिन बिना बरसे ही निकल जाते हैं। हल्की-फुल्की बूंदाबांदी भी गर्मी को कम करने की बजाय उमस और बढ़ा देती है।
शनिवार को भी सुबह से लेकर देर शाम तक तेज धूप और गर्म हवा का असर बना रहा। बारिश की कोई स्थिति नहीं बनी और लोग आसमान की ओर निहारते रहे। अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिनभर तेज धूप और लगातार बढ़ती उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर रहे। तापमान में कोई बड़ा बदलाव न होने के बावजूद गर्मी ने लोगों की तकलीफें बढ़ा दीं। सुबह से ही तेज धूप निकलने लगी थी, जिससे दोपहर तक लोग झुलसते रहे। बीच-बीच में हल्के बादल छाए जरूर, लेकिन राहत नहीं मिली।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, रविवार से मौसम में बदलाव की संभावना है। उस दौरान अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है। उधर, दिन में गर्मी की वजह से सीईटी परीक्षार्थी और अभिभावक भी परेशान रहे। बस स्टैंड पर कई लोग कागजों को पंखा बनाए नजर आए।
आज और कल भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में खासतौर पर 27 और 28 जुलाई को तेज बारिश हो सकती है।
कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मौसम की इस अनिश्चितता का सीधा असर सब्जियों और फलों की कीमतों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बारिश में देरी या असमान वितरण के कारण सब्जियां महंगी हो रही हैं और आने वाले दिनों में भाव और बढ़ सकते हैं।