संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को ऑल इंडिया शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए 50 हजार की रिश्वत मांगने के आरोपी क्लर्क और बिचौलिये को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम की ओर से दोनों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस कैथल के प्रभारी सूबे सिंह सैनी ने बताया कि उन्हें 25 सितंबर को एक शिकायत मिली थी। इसमें शिकायतकर्ता वरुण ने बताया था कि उसने दिसंबर 2022 में ऑल इंडिया शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन नौ महीने के बाद भी लाइसेंस नहीं बन सका। इसके बाद उसने पंचकूला स्थित गृह मंत्रालय में कार्यरत लिपिक धमेंद्र गहलोत से संपर्क किया। आरोप है कि लाइसेंस के लिए आरोपी क्लर्क ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
इसके बाद उसने कैथल के ही रहने वाले बिचौलिये संदीप के माध्यम से मांगी गई रकम भिजवाने की बात कही। यह पूरी बात व्हाट्सअप कॉल के माध्यम से हुई थी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस की टीम ने योजना तैयार की। इस दौरान संपर्क करने पर आरोपी लिपिक ने कहा कि वह 50 हजार रुपये भैणी माजरा गांव में ही संदीप को उसके खेतों में देकर आए।
इसके बाद वरुण ने संदीप को 40 हजार रुपये खेतों में बताए गए स्थान पर जाकर दिए। तभी पहले से तैयार विजिलेंस की टीम ने छापामारी कर बिचौलिये को रंगेहाथ रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया। पूछताछ के आधार पर आरोपी लिपिक को पंचकूला से गिरफ्तार कर कैथल लाया गया। अब बिचौलिये संदीप और लिपिक धमेंद्र गहलोत को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।