शहर में बदहाल सफाई व्यवस्था, खराब स्ट्रीट लाइट व प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में बदहाल कार्यप्रणाली से गुस्साए निवर्तमान दर्जन भर पार्षद विधायक लीला राम से मिले और नगर परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग की है। विधायक लीला राम ने कहा कि जो अधिकारी काम नहीं करेंगे, उन्हें कैथल से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। वे जल्द ही इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे।
विधायक लीला राम से मिलने पहुंचे पार्षदों पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, निवर्तमान पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला, रजत थरेजा, हरीश सचदेवा, प्रवीण गर्ग, संजय गर्ग, निवर्तमान पार्षद प्रवीण काला सांघन, आशा रानी बुधवार सुबह विधायक आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने नगर परिषद की समस्याएं रखीं।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बदहाल-पार्षदों व प्रतिनिधियों ने कहा कि पूरे शहर में स्ट्रीट लाइट का बुरा हाल है। चोर अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। शहर के अंदर त्राही-त्राही मची हुई है। हर सड़क पर अंधेरा है। पार्षद बार-बार मांग करते हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। दीवाली तक कम से कम हर वार्ड में तीस से चालीस लाइटें ठीक करवाई जाएं। ताकि त्योहार रोशनी में मनाया जा सके।
पार्षदों ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कोई सुनवाई नहीं है। लोग वहां जाते हैं, कोई सुनवाई नहीं होती। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कई-कई महीनें फाइलें नहीं निकलतीं। लोग चक्कर काटते रहते हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारी कुर्सियों पर नहीं मिलते। शहर में कुछ अधिकारी जब से आए हैं, तभी से बुरा हाल हो चुका है। अधिकारी फोन ही नहीं उठाते। मीडिया में समाचार प्रकाशित हो चुके हैं। लेकिन अधिकारियों को यह दिखाई ही नहीं देता।
विधायक से मिलने पहुंचे पार्षदों ने कहा कि डेंगू का शहर में बुरा हाल है। इसके बावजूद सफाई की ओर ध्यान नहीं हैं। 400 से अधिक सफाई कर्मचारी होने के बावजूद शहर में सफाई नहीं हो रही। क्या कारण है कि इतने कर्मचारियों के होने के बावजूद सफाई नहीं होती। इन सभी समस्याओं को लेकर विधायक से मिलने पहुंचे हैं। पिछले दो माह से डोर टू डोर का टेंडर रद्द करने के बाद भी डोर टू डोर का टेंडर नहीं लगाया गया है। अधिकारी जानबूझकर नया टेंडर नहीं लगा रहे हैं।
पार्षदों व पार्षद प्रतिनिधियों ने कहा कि सीएम अनाउंसमेंट के तहत मिली 10 करोड़ रुपये की ग्रांट पिछले तीन साल से खर्च नहीं की जा रही है। टेंडर लगते हैं और रद्द हो जाते हैं। न जाने क्या कारण है कि यहां पर यह ग्रांट खर्च नहीं हो पा रही। यह खर्च होगी, तभी तो ओर आएगी। इन सभी समस्याओं पर विधायक लीला राम ने उन्हें आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के अंदर अंदर नकारा अधिकारियों का स्थानांतरण करवाएंगे।
पूर्व चेयरमैन नगर परिषद यशपाल प्रजापति ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग मिल रहा है। लेकिन अधिकारी सरकार का नाम खराब करना चाहते हैं। सरकार के धन को सही ढंग से खर्च नहीं कर रहे हैं। सफाई का बेवजह मुद्दा बनवाया जा रहा है। अधिकारियों की कमी है कि सफाई कर्मचारियों से काम नहीं ले पा रहे हैं या फिर उनकी व्यवस्था में खामी है।
विधायक लीला राम ने कहा कि इन समस्याओं से वे स्वयं भी अवगत हैं। अब पार्षदों ने इस बारे में बताया है। उन्होंने स्वयं शहर की बदहाल स्थिति को लेकर अधिकारियों में डीसी तक को भी सूचित किया है। इस समय सफाई के जो हालात हैं, वे स्वयं भी खुश नहीं हैं। कई अधिकारियों के तबादले भी यहां हुए हैं। यह सच्चाई है कि शहर की सफाई की व्यवस्था बदहाल है। यह तय हो गया है कि कुछ अधिकारी व कर्मचारी रास्ते पर आने वाले नहीं हैं। उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। जो अधिकारी लोगों की सेवा करेगा, वही रहेगा। वर्ना उन्हें कैथल में नहीं रहने दिया जाएगा। इस संबंध में नगर परिषद के ईओ रविंद्र कुमार ने कहा कि डोर टू डोर का टेंडर रद्द होने के बाद नया टेंडर लगने में कुछ समय तो लगता है। परिषद द्वारा खुद ही सफाई का काम संभाला जा रहा है। स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर के लिए टेंडर लगा दिया गया है। जल्द ही यह अलॉट हो जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में एक कर्मचारी की शिकायत आ रही थी, उसका तबादला कर दिया गया है। पूरी व्यवस्था बनाई जा रही है। शहर में लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जो भी परिषद में अपनी बात लेकर आता है, उसकी पूरी सुनवाई की जाती है।