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पपराला गांव की पुत्रवधू हरप्रीत कौर बनी एचसीएस

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नारायणगढ़ तहसील में लोटो गांव की रहने वाली मुख्याध्यापक बलदेव की बेटी हरप्रीत कौर शादी करके जब गुहला उपमंडल के गांव पपराला में आई तो ससुर का सपना था कि उनकी पुत्रवधू बेटे की तरह बड़े पद पर हो।
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ससुर रामदास पीडब्ल्यूडी में बेलदार रहे थे। पुत्रवधू हरप्रीत कौर ने ससुर का सपना पूरा करते हुए पहले ही प्रयास में एचसीएस की परीक्षा पास कर ली। एमएससी नर्सिंग करके चंडीगढ़ के सेक्टर-32 में मेडिकल कालेज में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत थीं, परंतु उनका उद्देश्य सिविल सर्विसिज में रेंक प्राप्त कर अपने माता-पिता व ससुर का सपना पूरा करना था। इसके लिए हरप्रीत ने बिना कोचिंग के 10 से 12 घंटे रोजाना पढ़ाई की। उसके बाद पहले प्रयास में ही एचसीएस की परीक्षा पास कर ली। 2014 में जब वह पपराला गांव में शादी करके आई तो उनके पति जोकि सिविल जज हैं। उन्होंने तथा उनके पिता स्व. रामदास ने उनका हौसला बढ़ाते हुए उन्हें हर तरह से अपने मकसद में आगे बढऩे में सहयोग किया। पपराला गांव में उनकी सफलता की खबर सुनते ही खुशी की लहर दौड़ गई और बधाईयों का तांता लग गया। हालांकि उनका परिवार फिलहाल पटियाला में रहता है। हरप्रीत कौर के पति शेर सिंह यमुनानगर में सिविल जज के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि पिता स्व. रामदास ने हमेशा उनको ऐसे पदों पर देखने की इच्छा जाहिर की थी। जो गरीब जनता और जरूरतमंदों की मदद कर सकें। हरप्रीत कौर का कहना है कि बेटी पढ़ाओ - बेटी बचाओ अभियान को भी वह पूरी लगन से लागू करना चाहती हैं। उनकी भी एक चार साल की बेटी बाणी है, जिसे वह उच्च शिक्षा दिलवाकर प्रशासनिक सेवा में देखना चाहती है।
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