मैं डीसी ऑफिस से हूं, मेरा लाइन में लगना काम नहीं है और ना ही मैं लाइन में लगूंगा, पीछे हटो...कुछ इस तरह से एक व्यक्ति ने जिला अस्पताल में मरीजों के लिए लगी लाइन में लगने से इंकार कर दिया और खुद को डीसी कार्यालय का कर्मचारी बताया। रोकने पर वार्ड अटेंडेंट से उसकी कहासुनी भी हुई। जो बाद में मारपीट में बदल गई। वार्ड अटेंडेंट ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी है।
वार्ड अटेंडेंट शुभम ने बताया कि वह सामान्य अस्पताल में 118 नंबर कमरे में वार्ड अटेंडेंट है। करीब 11 बजे ओपीडी के लिए भारी संख्या में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। सभी को लाइन में लगाया गया था। मरीज डॉक्टर के आने की इंतजार कर रहे थे। एक व्यक्ति 113 नंबर पर ईएनटी में डॉक्टर के बारे में पूछने लगा। इसके बाद वह 118 नंबर में मरीजों को पीछे हटाने लगा। उसने कहा कि वह डीसी ऑफिस से है, डॉक्टर कहां है? उसने कहा कि अभी डॉक्टर सीट पर नहीं है। उसने जबरदस्ती अंदर जाने का प्रयास किया और कहा कि मैं डीसी ऑफिस हूं ओर पीछे हटो।
तभी उस व्यक्ति ने उसके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया और मारपीट की। वह तभी अस्पताल की पुलिस चौकी में गया। जहां पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। सिविल लाइन थाना एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि यह मामला की संज्ञान में अभी तक नहीं आया। इसके बारे में अगर कोई शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्रवाई क जाएगी।