कैथल। हनुमान वाटिका के हाल में शुक्रवार को आर्य समाज के 51वें वार्षिकोत्सव पर तीन दिवसीय सत्र का आयोजन किया गया। मुख्यातिथि नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग व एसडीएन स्कूल के निदेशक देशराज आर्य पहुंचे।
कार्यक्रम में पहुंचे रादौर से आचार्य धर्मपाल हिसार से आर्या कल्याणी और बिजनौर उत्तर प्रदेश से नरेश दत्त आर्य ने बच्चों को महर्षि दयानंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य समाज से कुरीतियों को मिटाना, अंधविश्वास को दूर करना, नौजवानों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना, स्त्री व बच्चों को समान अधिकार दिलवाना, समाज और देश का उत्थान करना, सारे संसार को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ करना है। ये तभी संभव हो सकता है जब हम वेद और उनकी विधियों को पढ़ेंगे और उन्हेंं अपने जीवन में अपनाएंगे।
पहले सत्र में आर्यन इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, आर्य पब्लिक स्कूल चंदलाना के लगभग एक हजार बच्चे पहुंचे। नरेश दत्त आर्य ने बच्चों को शिक्षा का महत्व तथा जीवन में सफलता कैसे हासिल होती है, ये सब विस्तार से बताया।
आचार्या कल्याणी ने बताया कि महर्षि दयानंद ने जीवन में अनेक कष्ट सहे, लेकिन वे अपने लक्ष्य से नहीं डगमगाए और ना ही पीछे हटे। उनका एक ही मकसद था कि समाज को सही दिशा में कैसे लेकर जाया जाए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्था के प्रधान एडवोकेट प्रद्युमन सिंह, उपप्रधान सूबे सिंह, सचिव श्याम लाल, सहसचिव अमित गुप्ता, कैशियर नरेंद्र, वरिष्ठ सदस्य रतन लाल आर्य, सरत चंद्र, ईश्वर दत्त, सरोज धीमान, ममता, रजनी, कमलेश मलिक भी उपस्थित रही।