संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/सीवन। लायंस क्लब कैथल सेंट्रल के सदस्यों ने वीर बाल दिवस मनाया। जिले में कई जगहों पर भी आयोजन किए गए। इस मौके पर बच्चों को वीरता, धर्म की रक्षा व मानवता की भलाई के लिए प्रेरित किया गया।
यह दिन सिख धर्म के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन हमें सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के चार बेटे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह की वीरता और बलिदान को याद दिलाता है। लायंस क्लब कैथल ने मन्नत होटल में कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस सेवा कार्य के चेयरमैन लायन राजिंदर पठनिया ने बताया कि क्लब की ओर से झुगी बस्ती और गरीब परिवार के 20 बच्चों को होटल में बैठाकर लायंस सदस्यों ने स्वयं भोजन परोसा और उन के मनोरंजन का भी प्रबंध किया। लायन रोहित कालरा ने बच्चों को गीत संगीत के साथ नृत्य भी करवाया। डांस के प्रतिभागियों को 100-100 रुपये की प्रोत्साहन राशि का भी वितरण किया। इस अवसर पर लायन दीपक ग्रोवर एवं लायन प्रवेश बंसल सहित लायनेस रीटा ग्रोवर उपस्थित रही।
उधर, सीवन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी गुलाम अली में वीर बाल दिवस साहिबजादे जोरावर सिंह व साहिबजादे फतेह सिंह के सर्वोच्च बलिदान की याद में मनाया। स्कूल में सुखमनी साहिब का पाठ करवाया। गुरुद्वारे के पाठी की ओर से कीर्तन और साहिबजादों की कथा से बच्चों को वीरता, धर्म की रक्षा, मानवता की भलाई के लिए प्रेरित किया। स्कूल में लंगर अटूट भी बरताया गया।
इस अवसर पर करनाल के सेशन जज चंद्रशेखर वशिष्ठ ने कहा कि दुनिया में ऐसा उदाहरण नहीं मिलता कि जहां पर सात और नौ वर्ष की उम्र में बच्चों ने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया हो। प्रधानाचार्य हरपाल सिंह और स्टाफ की ओर से स्कूल में श्री गुरुग्रंथ साहिब का प्रकाश करवाकर बच्चों को गुरुओं का आशीर्वाद दिलवाया। उन्होंने कहा कि हमें साहिबजादों के बलिदान से प्रेरणा लेकर सच के रास्ते पर चलना चाहिए। मानवता की रक्षा और सेवा के लिए हमेशा तत्पर होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने अपनी तरफ से स्कूली बच्चों में जर्सी भी वितरित की। कलायत से आए विकास, कुलदीप और संदीप ने 120 बच्चों को जूते और जर्सी वितरित की। प्रधानाचार्य हरपाल सिंह ने अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर गांव के सरपंच गगनदीप सिंह, साहब सिंह चक्कू, अधिवक्ता नरेश कुमार व प्राध्यापक रविंद्र मित्तल मौजूद रहे।
शहीदी जोड़ मेले में गुरु का अटूट लंगर बरताया
सीवन। दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादे बाबा फतेह सिंह व बाबा जोरावर सिंह के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में सीवन में चल रहे जोड़ मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने माथा टेका और लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। ठंड के बावजूद भी श्रद्धालुओं व सेवादारों का उत्साह देखते ही बनता था। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तीन दिवसीय जोड़ मेले में गुरु का अटूट लंगर वरताया जा रहा है। नगर के मुख्य मार्ग पर वधवा सेलर में चल रहे कार्यक्रम में रागी व ढाडी जत्थों ने गुरु का यश गाया और श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। क्षेत्र की साध संगत की ओर से कैथल-पटियाला मेन रोड पर चाय का प्रसाद श्रद्धालुओं को दिया जा रहा है। दूसरे दिन भी अटूट लंगर चला व भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सीवन की समूह साध संगत ने सेवा की। संवाद
पूंडरी के गुरु नानक स्कूल में साहिबजादों को नमन
पूंडरी। गुरु नानक पब्लिक हाई स्कूल फरल में शहीदी दिवस मनाया। स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया। स्कूल प्रबंधक विक्रमजीत सिंह ने बच्चों को कहा कि शहीदी दिवस गुरु गोविंद के चार साहिबजादों की याद में मनाया जाता है। साहिबजादों की शहादत सिख इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। जिन्होंने इतनी कम उम्र में मुगलों का सामना करते हुए अपने धर्म एवं मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
उन्होंने कहा कि हमें ऐसे महान वीरों को हमेशा याद रखना चाहिए तथा समय आने पर अपने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके बाद बच्चों ने शब्द , भाषण, कविता के माध्यम से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया तथा वीरों की शहादत को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या रितू बंसल ने की तथा मुख्य रूप में स्कूल प्रबंधक सरदार विक्रमजीत सिंह व सतिंद्र सिंह ने भाग लिया। इस अवसर पर स्कूल उप प्रबंधक मैडम लखविंदर कौर व नवप्रीत कौर आदि मौजूद रहे। संवाद
विजेताओं का किया सम्मान
गुहला/चीका। बुधवार को ज्ञानदीप सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रांगण में शहीदी दिवस मनाया गया। प्रधानाचार्य सुमन लता गोयल ने चारों साहिबजादे की शहीदी व दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह के परिवार के बलिदान के बारे में बताया। साथ ही देश के लिए बलिदान के लिए तैयार रहने को प्रेरित किया। इस मौके पर कोमल रानी, समनप्रीत, सुखमनप्रीत, जसप्रीत ने भाषण, कविता व शब्द गायन से अपनी प्रस्तुति दी। स्कूल के चारों हाउस के बीच में सिख धर्म को लेकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी करवाई गई, जिसमें आर्यभट्ट हाउस ने बाजी मारते हुए जीत प्राप्त की। प्रधानाचार्य ने सभी को सम्मानित किया। संवाद