संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। चीका नगरपालिका की सोमवार को बुलाई गई दूसरी बजट बैठक भी फ्लाॅप रही। बैठक में अध्यक्ष गुट के मात्र चार पार्षद बैठक में शामिल हुए जबकि विरोधी गुट के 13 पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया। इससे पहले वीरवार को बुलाई गई चीका सदन की सालाना बजट बैठक में पार्षदों के नहीं पहुंचने के कारण इसे रद्द कर दिया गया था।
सोमवार को बैठक के दौरान अध्यक्ष रेखा रानी व उनके समर्थक वार्ड नंबर छह की पार्षद अनिता रानी, वार्ड नंबर 11 से पार्षद बबीता रानी, वार्ड नंबर 15 से पार्षद राजेश कुमार व वार्ड नंबर 17 से पार्षद व उपाध्यक्ष पूजा रानी लगभग एक घंटे तक पार्षदों का इंतजार करते रहे, लेकिन विरोधी खेमे के 13 पार्षद अंत तक भी बैठक में नहीं पहुंचे।
काफी इंतजार के बाद भी जब बैठक का कोरम पूरा नहीं हो पाया तो अध्यक्ष रेखा रानी ने नगरपालिका सचिव राजेश शर्मा के साथ विचार विमर्श कर साल 2025- 26 के लिए 62 करोड़ 75 लाख 65 हजार रुपये के अनुमानित बजट की फाइल को स्वीकृति के लिए जिला पालिका आयुक्त के पास भेजने का निर्णय लिया।
नगरपालिका को यह पैसा हाउस टैक्स, कृषि भूमि से होने वाली वाली आमदन व दुकानों के किराए सहित विभिन्न मदों से प्राप्त होगा। चीका नगरपालिका को 47 करोड़ 52 लाख 80 हजार रुपये साल 2025-26 में कर्मचारियों व पार्षदों के वेतन सहित शहर के विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च होने का अनुमान है। इसे भी स्वीकृति के लिए डीएमसी कैथल को भेजा गया है।
वार्ड नंबर दो के पार्षद दलबीर सीड़ा ने कहा कि अध्यक्ष की ओर से बुलाई गई दूसरी बजट बैठक भी फ्लाप होने से साफ हो गया है कि शहर के पार्षद अध्यक्ष से किस स्तर तक नाराज है। सीड़ा ने कहा कि साल 2023-24 और 24-25 में चीका नगरपालिका क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए सरकार ने लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी, लेकिन शहर में कहीं भी विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। कहा कि यह 100 करोड़
रुपया किन विकास कार्यों पर खर्च
किया गया किसी भी पार्षद को इसकी जानकारी नहीं है।
अध्यक्ष को आगामी बजट पास करवाने से पहले पिछले विकास कार्यों का हिसाब जनता को देना चाहिए। दलबीर सीड़ा व वार्ड 16 के पार्षद तरसेम गोयल ने मुख्यमंत्री से मांग की है पिछले पौने तीन साल में चीका नगरपालिका क्षेत्र में
विकास कार्यों के नाम पर खर्च किए
गए करोड़ों रुपये की विजिलेंस से जांच करवाई जाए।
पार्षदों का दायित्व बनता था अपने वार्डों के विकास व शहर वासियों की भलाई के लिए वे बजट बैठक में भाग लेते। यदि नगरपालिका के पास बजट ही नहीं होगा तो विकास कैसे करवाएंगे। अगर पार्षदों की मुझ से कोई नाराजगी है तो उसे सदन की सामान्य बैठक में रख सकते थे। कुछ पार्षदों ने ऐसा ना कर बजट बैठक का विरोध किया जिससे पता चलता है कि ये पार्षद भ्रमित हो रहे हैं या किसी के द्वारा इन्हें बरगलाया जा रहा है।
रेखा रानी, अध्यक्ष नगरपालिका चीका।
चीका नगरपालिका की दूसरी बजट बैठक में भी पर्याप्त पार्षदों के भाग नहीं लेने की सूचना मिली है। ऐसे में साल 2025-26 के लिए बजट को स्वीकृति के लिए जिला पालिका आयुक्त कार्यालय को भेजा गया है। भेजी गई फाइल का अध्ययन करने के उपरांत ही इस विषय में कुछ कहा जा सकेगा।
सुशील कुमार,जिला पालिका आयुक्त, कैथल।
चीका नगरपालिका की दूसरी बजट बैठक में भी पर्याप्त पार्षदों के भाग नहीं लेने की सूचना मिली है। ऐसे में साल 2025-26 के लिए बजट को स्वीकृति के लिए जिला पालिका आयुक्त कार्यालय को भेजा गया है। भेजी गई फाइल का अध्ययन करने के उपरांत ही इस विषय में कुछ कहा जा सकेगा। -सुशील कुमार,जिला पालिका आयुक्त, कैथल।