संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। सीवन नगर में कैथल–पटियाला मुख्य मार्ग पर बीचों बीच बने डिवाइडर और अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था से दिनभर सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है। कस्बे में स्टापेज नहीं होने के कारण चालक रास्ते में ही बस को रोककर यात्रियों को उतारने लगते हैं। इससे बस के पीछे गाड़ियों की कतार लग जाती है और लोगों को जाम लगने से परशानी होती है।
इस मार्ग पर नगर का मुख्य बाजार, कई सरकारी संस्थान, बैंक और स्कूल भी स्थित हैं। दुकानदार और ग्राहक अपने वाहन दुकानों के सामने खड़े कर देते हैं। इससे सड़क और भी संकरी हो जाती है। इसके कारण वाहनों को निकलने में कठिनाई होती है। स्थानीय निवासी कृष्ण कुमार गर्ग, राजेश रहेजा, नरेश मित्तल, जरनैल सिंह, राजकुमार वाधवा, अशोक गोयल, विजय सरदाना ने बताया कि नगर में हर समय सड़क पर वाहन फंसे रहते हैं। बाजार में आने-जाने में बहुत अधिक समय लग जाता है। इससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा है और ग्राहक भी परेशान रहते हैं।नगरवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाए और मुख्य बाजार क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही का स्पष्ट नियम लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाती है तो जल्द ही जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ अरुण कंसल ने बताया कि यह डिवाइडर नियमों और तय मानकों के अनुसार बनाया गया है। डिवाइडर के दोनों ओर सड़क पर समान स्थान छोड़ा गया है। यदि सड़क पर जाम लग रहा है तो इसका कारण अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहन या रेहड़ी–फड़ी वाले हैं। विभाग ने सड़क का निर्माण पूरी तकनीकी मानदंडों के अनुसार किया है। उन्होंने कहा कि नगर में वाहनों और रेहड़ियों के खड़े होने की व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर पालिका की है।
नगर पालिका कर रही है कोशिश
इस विषय पर नगर पालिका सचिव दीपक कुमार ने बताया कि रेहड़ी वालों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पीली पट्टी के दूसरी ओर ही अपनी रेहड़ी खड़ी करें। दुकानों के बाहर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहन और रेहड़ियां जाम का मुख्य कारण बनते हैं। न्होंने कहा कि नगर पालिका की ओर से पार्किंग की व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर के बीच से गुजरने वाली इस सड़क को स्मार्ट रोड बनाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर पीडब्ल्यूडी विभाग से एनओसी मांगी गई है। एनओसी मिलने के बाद इस रोड को आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।