कैथल। चैत्र माह में ही इस बार ज्येष्ठ-आषाढ़ जैसी भीषण गर्मी पड़ने लगी है। गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। तीखी धूप लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया। लोग गर्मी से बचने के लिए एसी, कूलर और पंखों का सहारा ले रहे हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को सुबह से ही तेज धूप रही। लोग चेहरे ढंक कर सड़कों पर चलते दिखाई दिए। गर्मी से बचने के लिए नहरों में भी बच्चे और युवक नहाते दिखे।
भीषण गर्मी में दोपहर के समय गर्म हवाएं चल रही हैं। इस मौसम में ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ रही है। गर्मी से बचाव के लिए लोग जूस सहित अन्य तरल पदार्थ पी रहे हैं। लू के कारण दिन में 12 बजे के बाद सड़कें सुनसान हो जा रहीं हैं। रविवार को दोपहर के समय चौक-चौराहों पर कम वाहन दिखाई दिए। शहर के मुख्य बाजार, पिहोवा चौक, कबूतर चौक पर हर समय रहने वाली भीड़ व्यस्त रहने वाले चौक-चौराहे पर दोपहर के समय सन्नाटा रहा।
कृषि वैज्ञानिक रमेश चंद वर्मा ने बताया कि अभी एक सप्ताह तक गर्मी से निजात मिलने के आसार नहीं हैं। इस मौसम में सब्जियों की फसल प्रभावित हो रही है। सब्जियों की फसल खराब हो सकती है। अगले एक सप्ताह तक गर्मी खूब सताएगी। ऐसे में किसानों को सब्जियों की फसल का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
डॉ. प्रदीप नागर ने बताया कि गर्मी बढ़ने से बीमार होने का खतरा बना रहता है। इससे खुद को बचाएं एवं अन्य लोगों को भी बचने की सलाह दें। बिना भोजन किए बाहर न निकलें। दिन में ज्यादा से ज्यादा पानी पीकर ही बाहर निकले। गर्दन के पिछले भाग, कान और सिर को गमछे या तौलिये से ढंक कर धूप में निकलें। छतरी का प्रयोग करें। पेय पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। धूप में खड़े होकर व्यायाम न करें और धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले कपड़ों का प्रयोग करें। गर्मी के दिनों में अपने घरों को ठंडा रखें। दिन में दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। रात में तापमान कम होने के समय खिड़कियां दरवाजे खोलें।