मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने पहुंचे बाबा बलजीत सिंह दादूवाल
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट एक्ट पर हरियाणा के पक्ष में आए फैसले पर एचएसजीएमसी के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल ने एसजीपीसी से अपील की है कि वह कोर्ट कचहेरी का रास्ता छोड़ हरियाणा कमेटी को यहां के गुरुद्वारों की सेवा-संभाल सौंप दे। इस विवाद में संगतों का दसवंध का करोड़ों रुपया कोर्ट में लग गया। जो न तो बादल परिवार का था, न धामी का और न ही दादूवाल का था। हरियाणा कमेटी इन गुरुद्वारों की देखभाल अच्छे ढंग से करेगी। दादूवाल मंगलवार बाद दोपहर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चीका के गुरुद्वारा छठी एवं नौंवीं पांतशाही में पहुंचे थे। जहां उन्होंने प्रदेश मुख्यालय में सदस्यों के साथ इस फैसले पर चर्चा की।
सबसे पहले उन्होंने गुरुद्वारे में गुरुग्रंथ साहिब का आभार जताया। साथ ही अरदास की। इसके बाद अमर उजाला से विशेष बातचीत में दादूवाल ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा एक्ट को सुप्रीम कोर्ट ने सही माना है। पंजाब हरियाणा को हमेशा छोटा भाई कहता है। अब एसजीपीसी अपने छोटे भाई को सेवा संभाल का हक दे। एचएसजीएमसी ने अपने अधीन 5 गुरुद्वारों का एक साल में 25 प्रतिशत बजट बढ़ा दिया है। इसीलिए वे बाकी गुरुद्वारों की भी अच्छे से देखभाल करेंगे।
हरियाणा के एसजीपीसी के अधीन कुछेक गुरुद्वारों को छोड़कर अधिकतर में हालात ठीक नहीं है। करीब 200 करोड़ रुपये का बजट एसजीपीसी के द्वारा खर्च किया जा रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी गुरुद्वारों, स्कूल-कॉलेजों, ट्रस्ट व बोर्ड, जिन्हें एसजीपीसी चला रही थी, उन्हें हरियाणा कमेटी को सौंपने के आदेश दिए हैं।
अब एसजीपीसी से पहले अपील की जाएगी। इसके बाद जल्द ही हरियाणा कमेटी की बैठक बुलाकर आगामी फैसला लिया जाएगा। इसमें गुरुघरों की सेवा संभाल करने सहित इस फैसले में सहयोग करने वाले सभी नेताओं, संगतों को सम्मानित करने के लिए बड़े स्तर पर आयोजन करने का फैसला लिया जाएगा। दादूवाल ने इस फैसले के लिए सबसे पहले श्री गुरुग्रंथ साहिब का शुक्राना किया। उन्होंने संगतों को इस खुशी के अवसर पर बधाई दी।