संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। खंड कार्यालय में सोमवार को जिला परिषद, ब्लॉक समिति और ग्राम पंचायतों के सरपंचों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। विकास कार्यों में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद चेयरमैन कर्मवीर कौल तथा अध्यक्षता जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुरेश राविश ने की।
बैठक के दौरान सीईओ सुरेश राविश ने प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही बरतने वाले ग्राम सचिवों के प्रति सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्य में ढिलाई करने वाले सचिवों को चार्जशीट किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने सर्वेक्षण में लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई के संकेत दिए।
जिला परिषद अध्यक्ष कर्मवीर कौल ने कहा कि जिला परिषद, ब्लॉक समिति और ग्राम पंचायतों के समन्वय से क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना को प्रमुखता से लिया गया। सीईओ ने कहा कि इस योजना के साथ मनरेगा को जोड़ा गया है, ताकि लाभार्थियों को 90 दिन की रोजगार गारंटी के तहत काम देकर उन्हें आर्थिक रूप से भी सशक्त किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना की सर्वे प्रक्रिया गंभीरता से की जाए और केवल पात्र व्यक्तियों को ही लाभ मिले।
सीईओ राविश ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण एवं विकास कार्यों की निगरानी हर स्तर पर की जाएगी, और भुगतान केवल बिलों की पूर्ण जांच के बाद ही किया जाएगा। उन्होंने तालाब खुदाई जैसे मनरेगा कार्यों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न होने देने की बात कही।
सीईओ ने कलायत क्षेत्र के 10 गांवों में डोर-टू-डोर सफाई व्यवस्था की सराहना करते हुए अन्य गांवों में भी इस मॉडल को अपनाने की सलाह दी। वहीं बढ़सीकरी खुर्द और जुलानी खेड़ा गांवों में दो वर्षों से लंबित मनरेगा भुगतान की चर्चा भी बैठक में हुई, जिस पर जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी योजना का बजट लैप्स न हो, इसके लिए समय पर कागजी औपचारिकताएं पूरी करते हुए कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रीतू शर्मा, जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि कर्मवीर फौजी, बृजेंद्र सहारण, दीप बालू, अमरजीत पहलवान, ब्लॉक समिति अध्यक्ष ज्योति बढ़सीकरी, सज्जन कोलेखां, रणधीर कुराड़, नरेंद्र जुलानी खेड़ा, अशोक सहारण सहित विभिन्न गांवों के सरपंच मौजूद रहे।