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जनगणना हस्तपुस्तिका की जाएगी तैयार, सुविधाओं का होगा डिजिटल सर्वे : डीसी

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अधिकारियों की बैठक लेती डीसी। प्रवक्ता - फोटो : सांकेतिक
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कैथल। उपायुक्त अपराजिता ने कहा कि जनगणना 2027 के तहत हाउस लिस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। अब जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार की जाएगी। इस कार्य को पूरी गंभीरता, गुणवत्ता व निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। यह दस्तावेज आने वाले वर्षों के लिए जिले का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होगा। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए तथ्यात्मक डेटा एकत्र करें।
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उपायुक्त मंगलवार को लघु सचिवालय में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका की तैयारियों के लिए राजस्व व सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक से पूर्व जनगणना निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों को डीसीएचबी की तैयारी, प्रक्रिया, समय-सीमा और डिजिटल प्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका किसी जिले का महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है जिसमें राजस्व गांव स्तर तक की ऐतिहासिक, सामाजिक, आर्थिक व आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी होती है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि भाग-ए के लेखन में जिले के वरिष्ठ नागरिकों, सेवानिवृत्त प्राध्यापकों, वरिष्ठ पत्रकारों और जिला भाषा अधिकारियों का सहयोग लिया जाए, ताकि जिले का प्रामाणिक व गुणवत्तापूर्ण विवरण तैयार किया जा सके। गांव स्तर का फील्ड सर्वेक्षण 1 अगस्त से 30 अगस्त तक किया जाएगा। इस अवसर पर सीटीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीआरओ चंद्र मोहन, जिला सांख्यिकी अधिकारी निर्मल देवी और डीआईपीआरओ नसीब सैनी मौजूद रहे।
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डिजिटल माध्यम से किया जाएगा काम
डीसीएचबी का पूरा कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। गांव स्तर का डाटा मोबाइल एप के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा। पूर्व में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई डिजिटल प्रणाली की तर्ज पर इस कार्य की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी।
जनगणना निदेशालय के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का पहला प्रकाशन वर्ष 1951 में हुआ था। इसका भाग-ए में जिले के इतिहास, संस्कृति, भौगोलिक स्थिति, प्रमुख उद्योगों व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों पर आधारित होगा, जबकि भाग-बी में अंतिम जनगणना परिणामों के आधार पर गांव व नगरवार आंकड़े और मानचित्र शामिल किए जाएंगे। डीसी अपराजिता ने कहा कि गांव स्तर पर डाटा संकलन का कार्य पटवारियों की ओर से किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पंचायत सचिवों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदारों व अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की नियमित समीक्षा करें और प्रत्येक सप्ताह इसकी प्रगति का आकलन सुनिश्चित करें।

अधिकारियों की बैठक लेती डीसी। प्रवक्ता- फोटो : सांकेतिक

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