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कुलसचिव, कुलपति, परीक्षा नियंत्रक, डीएन रिसर्च पर केस

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कैथल। एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी के कुलसचिव, कुलपति, परीक्षा नियंत्रक, डीएन रिसर्च व प्रबंधक के खिलाफ जाति सूचक शब्द कहने, नौकरी से निकालने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी में कार्यरत लॉ विभाग के सहायक प्राध्यापक दीप कोहली की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सेक्टर 20 निवासी सहायक प्राध्यापक विकास दीप कोहली ने बताया कि वह 2015 में एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी क्योड़क में बतौर सहायक के पद पर नियुक्त हुआ था। वह सहायक कुलसचिव व कुलसचिव के पद पर रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी उसकी बार-बार झूठी शिकायतें करने लगे। इन आरोपियों ने उसे कुल सचिव के पद से हटाने की भी कोशिश की। इसके बाद उस पर इस पद से त्याग पत्र देने का दबाव बनाया गया। 21 जून को उसने आरोपियों के दबाव में आकर कुलसचिव के पद से त्याग पत्र दे दिया।
इसके बाद उसे नए कुलसचिव के आने तक जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया। 16 अगस्त को नए कुलसचिव ने नियुक्ति ले ली। इसके बाद से वह लॉ विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत है। 10 अक्तूबर को जब यूनिवर्सिटी में चित्रा अपने कार्यालय से बाहर निकली तो उसने उससे मिलना चाहा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने चित्रा से प्री सबमिशन पीएचडी रद होने का कारण पूछा। आरोपी ने इस दौरान उसे जातिसूचक शब्द कहे।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि 10 अक्तूबर को उसने कुलपति एसएस तेवतिया को एक शिकायत दी, लेकिन आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 20 अक्तूबर को कुलसचिव ने उसको कार्यालय में बुलाया और वहां भी उसके साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरोप है कि उसे नौकरी से निकालने व जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस मामले में एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि चित्रा मुद्दल, डीएन रिसर्च सुरेंद्र कुमार वशिष्ठ, कुलसचिव डॉ. राजीव दहिया, परीक्षा नियंत्रक बलजीत सिंह चहल व कुलपति मनिंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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