कैथल। शहरवासियों को आने वाले दिनों में पेयजल किल्लत से बड़ी राहत मिलने वाली है। शहर की पुरानी हो चुकी जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से 55.33 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से शहर के विभिन्न जलघरों में लगी मोटरों, बूस्टरों और पंपिंग सिस्टम की मरम्मत और कायाकल्प किया जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में 28 पंपिंग मशीनरी की रिवाइंडिंग और रखरखाव के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। शहर के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है। इसका मुख्य कारण अधिकतर वाटर पंप और बूस्टिंग स्टेशन की मशीनरी का पुराना होना है। तकनीकी खराबी और क्षमता कम होने के कारण मोटरें बार-बार जल जाती थीं जिससे घरों में पानी की सप्लाई ठप हो जाती थी। इस गंभीर समस्या को देखते हुए पूरे सिस्टम को अपग्रेड करने का खाका तैयार किया गया है।
शहर के मुख्य बूस्टिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि ऊंचे और अंतिम छोर पर स्थित घरों तक भी पूरे प्रेशर से पानी पहुंच सके। इसके अलावा तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए विशेष मरम्मत अभियान चलाया जाएगा।
मरम्मत कार्य का मुख्य खाका :
11 पंपिंग सिस्टम की पूरी तरह रिपेयरिंग होगी।
15 हॉरिजॉन्टल मोटर की यांत्रिक मरम्मत की जाएगी।
25 सबमर्सिबल पंपिंग मशीनों की नई रिवाइंडिंग होगी।
28 मशीनों के रखरखाव का जिम्मा टेंडर वाली एजेंसी को मिलेगा।
लगाया जाएगा नया ट्यूबवेल
पेयजल किल्लत से जूझ रहे कुछ विशिष्ट इलाकों को राहत देने के लिए विभाग ने नए ट्यूबवेल लगाने की भी योजना बनाई है। इसके तहत विधायक हाउस के नजदीक एक नया ट्यूबवेल स्थापित किया जाएगा। इस नए ट्यूबवेल के चालू होने से आसपास की कई कॉलोनियों में पानी का संकट हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। गर्मियों के मौसम को देखते हुए इस काम में तेजी लाई जा रही है ताकि जनता को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल ने बताया कि गर्मी में निर्बाध पानी की सप्लाई के लिए खाका तैयार है। जहां छोटी-मोटी दिक्कत है, उसे दूर किया जा रहा है।