संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। खंड संसाधन संयोजक कार्यालय गुहला में वीरवार को शिक्षा विभाग की ओर से पांच दिवसीय आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान पर खंड स्तरीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत हुई। इस दूसरे चरण के प्रशिक्षण में 90 प्राथमिक शिक्षकों ने भाग लिया। शिविर का आयोजन दो बैचों में 30 जून तक किया जाएगा।
बीईओ बलबीर कश्यप ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभिक साक्षरता और संख्यात्मकता किसी भी बच्चे की शैक्षिक यात्रा की सबसे मजबूत नींव होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक साक्षरता का अर्थ केवल अक्षरों और शब्दों की पहचान नहीं, बल्कि समझ के साथ पठन-लेखन और सार्थक संवाद की क्षमता विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि संख्यात्मकता का मूल उद्देश्य है — संख्याओं को समझना, जोड़-घटाव, गुणा-भाग जैसी बुनियादी गणनाओं में दक्षता प्राप्त करना और इनका व्यावहारिक जीवन में समाधान के रूप में प्रयोग करना।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से पर्यवेक्षक यशपाल रात्रा ने प्रतिभागियों को गतिविधि आधारित शिक्षण, प्रिंट रिच क्लासरूम की अवधारणा, टीएलएम (शिक्षण अधिगम सामग्री) का प्रभावी प्रयोग, स्किल पासबुक भरना, और बच्चों की लर्निंग लेवल पहचानने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया।
मास्टर ट्रेनर्स ने शिक्षकों को मौखिक भाषा विकास, डिकोडिंग, धारा प्रवाह पठन, पूर्व संख्यात्मक अवधारणाएं, आकृति एवं स्थानिक समझ जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर पूर्व जिला एफएलएन समन्वयक सुनील दत्त, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर उपेंद्र शुक्ला, एमआईएस कॉर्डिनेटर अश्वनी धीमान सहित मास्टर ट्रेनर कर्मचंद, मंदीप रानी, हंस कौर, रेखा रानी, निधि जैन, राजीव कुमार, कुलदीप नैन और सतीश कुमार उपस्थित रहे।