संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के टीक परिसर में स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने दीप प्रज्ज्वलन कर स्वदेशी का संदेश देते हुए किया। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि शोध पीठ के संयोजक डॉ. हरीश कुमार द्वारा मंगलाचरण के साथ की गई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता एवं कुलसचिव प्रो. संजय गोयल ने उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का परिचय दिया। वहीं, हिंदू अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण चंद्र पांडेय ने स्वदेशी विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। कुलगुरु प्रो. अनायत ने विद्यार्थियों को ध्वज दिखाकर स्वदेशी संकल्प दौड़ के लिए रवाना किया। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने और अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं में आत्मचिंतन और आत्मबल का जागरण आवश्यक है, जिसके लिए स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर शैक्षणिक विषयों पर एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय की वार्षिक दिनदर्शिका, डायरी और कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. भाग सिंह बोदला, संकाय अध्यक्ष डॉ. जगत नारायण, सह-आचार्य (व्याकरण) डॉ. सुरेंद्र पाल वत्स, महिला छात्रावास अधिष्ठाता डॉ. शर्मिला, ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश शर्मा, वेद विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र आदि उपस्थित रहे।