संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। अनाज मंडी में नवगठित ट्रक यूनियन और मंडी एसोसिएशन के व्यापारियों के बीच तनाव के कारण दो दिनों से धान की खरीद और उठान ठप है। व्यापारियों का आरोप है कि यूनियन के सदस्य उठान में बाधा डाल रहे हैं और वाहन संचालन में मनमानी कर रहे हैं।
वीरवार को मंडी एसोसिएशन के प्रधान अनिल गालव और अन्य व्यापारियों ने अग्रवाल धर्मशाला में बैठक की और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। नाराज व्यापारियों का कहना है कि यूनियन से जुड़े ड्राइवर केवल अपने वाहन से धान उठाने का दबाव बना रहे हैं और बाहर से आए ड्राइवरों को डराकर मंडी में जाम की स्थिति बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पारदर्शी व्यवस्था नहीं बनती, धान की खरीद शुरू नहीं होगी।
वहीं, निजी वाहन संचालकों ने यूनियन गठन से इन्कार करते हुए व्यापारियों पर ओवरलोडिंग का आरोप लगाया। उनका कहना है कि व्यापारी जानबूझकर बाहर से गाड़ियां मंगवाकर अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं, जबकि वाहन संख्या के अनुसार समय पर धान लोड किया जा सकता है।
इस विवाद के बीच सबसे अधिक परेशान किसान हैं। उनका कहना है कि उन्हें सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिल रहा है। व्यापारी नमी का हवाला देकर खरीद से बच रहे हैं, जिससे किसान मजबूरी में औने-पौने दामों पर धान बेचने को मजबूर हैं। किसानों ने एमएसपी की अवहेलना की जांच के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की है। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी सतपाल पोसवाल पुलिस बल के साथ मंडी पहुंचे और चार घंटे चली बैठक के बाद व्यापारियों को सुरक्षा और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और धान उठान में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।