संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दो दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स ः एक्यूआई) सामान्य स्तर से लगभग तीन गुना बढ़कर 255 तक पहुंच गया है। सामान्य दिनों में एक्यूआई 80 से 100 के बीच रहता है। इस बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक वस्तु या कचरा जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है। अगर कहीं उल्लंघन पाया जाता है, तो विभाग कार्रवाई करेगा।
हालांकि इस बार पराली जलाने के मामले बेहद कम, केवल चार ही केस सामने आए हैं। फिर भी प्रदूषण स्तर सामान्य से तीन गुना अधिक बढ़ा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि आम तौर पर धान कटाई के सीजन में पराली जलाने के कारण ही प्रदूषण बढ़ता था, लेकिन इस बार एक्यूआई में अचानक वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि विभाग विशेष जांच अभियान चला रहा है और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धान के अवशेष में आग लगाने के आरोप में केस
कैथल। ढांड पुलिस ने पबनावा निवासी अमित कुमार के खिलाफ धान अवशेषों में आग लगाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पबनावा के पटवारी नवीन ने पुलिस को शिकायत दी कि हरसेक एप के माध्यम से उन्हें सूचना मिली थी कि अमित कुमार ने धान अवशेषों में आग लगाई है। टीम के मौके का निरीक्षण करने पर आग लगने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने अमित कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर गगनदीप ने बताया कि इससे पहले पबनावा, सौथा और घोघ गांव में भी किसानों के खिलाफ ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं और यह चौथा मामला है। कृषि विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक कर रही हैं। संवाद