कैथल। हरियाणा की खेती-किसानी जो इस प्रदेश की पहचान और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के कुशासन के कारण बर्बादी की कगार पर खड़ी है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने वीरवार को से एक बयान में कहा कि नायब सैनी सरकार की नाकामी और किसान विरोधी नीतियों ने हरियाणा के किसानों को कर्ज, नुकसान और निराशा के दलदल में धकेल दिया है।
सुरजेवाला ने कहा कि पिछले साल की भीषण बाढ़ ने हरियाणा के 83% गांवों में फसलों को नष्ट कर दिया। सरकारी पोर्टल पर पांच लाख से अधिक किसानों ने 30 लाख एकड़ फसल खराबे की जानकारी दर्ज की, लेकिन नायब सैनी सरकार ने मुआवजे के नाम पर केवल खोखले वादे किए। ऊपर से, धान की खरीद का लक्ष्य 4 लाख टन घटाकर किसानों पर दोहरी मार डाली गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में धान की एमएसपी बढ़ाने का झूठा वादा किया था, लेकिन आज किसान मंडियों में तय एमएसपी से ₹400 प्रति क्विंटल कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं। मौसम की मार से धान की फसल पहले ही आधी रह गई और प्रति एकड़ ₹30,000 तक का नुकसान झेल रहे किसानों को सरकारी खरीद में कमी और एमएसपी का धोखा देना क्रूरता की पराकाष्ठा है। सुरजेवाला ने कहा कि बाजरे की एमएसपी ₹2,775 प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद, सरकारी खरीद में धोखे के कारण किसानों को ₹1,800 पर फसल बेचनी पड़ रही है। कपास के किसानों को भी एमएसपी की तुलना में ₹2,200 प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है और आयात शुल्क में छूट बढ़ाने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि रबी की फसलों की बुआई से पहले डीएपी व खाद की कमी ने किसानों को घंटों लाइनों में खड़ा कर दिया है।