फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोस्टमार्टम के लिए शव रेफर किया तो डॉक्टरों को बंधक बनाया

Tue, 09 Jun 2015 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। हत्या के बाद अजय के परिजनों को दिन भर जिला अस्पताल में भटकना पड़ा। सुनवाई न होने पर परिजनों ने डॉक्टरों को पोस्टमार्टम रूम में ही बंधक बनाकर रखा। डीसी के अनुरोध पर पीजीआई रोहतक से विशेषज्ञों की टीम पोस्टमार्टम के लिए कैथल के लिए रवाना हुई। तब जाकर जाकर परिजन शांत हुए। समाचार लिखे जाने तक परिजन टीम का इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन

अजय के शव को पूंडरी पुलिस रविवार रात को ही जिला अस्पताल लाई थी। जहां सोमवार सुबह 11 बजे तक परिजन पोस्टमार्टम के लिए भटकते रहे। इसी बीच पता चला कि शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक रेफर किया जा रहा है। बस फिर क्या था...., परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। पोस्टमार्टम रूम में एसएमओ डा. आरपी गोयल, डा. आरडी चावला, डा. मीनाक्षी को करीब दो घंटे तक रोके रखा। गुस्साए परिजनों ने किसी को भी बाहर आने नहीं दिया। डॉक्टरों को भी खूब जली-कटी सुनाई।

स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचा मामला
किसी ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को फोन कर दिया। उनके निर्देश पर सीएमओ डा. आरएस पूनिया भी पोस्टमार्टम रूम पहुंचे। लोगों ने उन्हें भी बंधक बना लिया। इस बीच डा. आरपी गोयल ने बाहर निकलने का प्रयास किया तो परिजन उन पर टूट पड़े। वे वापस कमरे में जा घुसे। गुस्साए लोगों ने पोस्टमार्टम रूम में बिजली की तार तोड़ दिए।
विज्ञापन

पसीने से तरबतर परिजन डॉक्टरों को कोसते रहे। लोगों ने जाम की धमकी दी।

इसी बीच डॉक्टरों के साथ परिजनों की कई बार बातचीत हुई। लेकिन सफल नहीं हो पाई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद डीसी से मिलने एक दल पहुंचा। डीसी ने रोहतक पीजीआई से पोस्टमार्टम टीम भेजने का आग्रह किया। डीसी के आग्रह पर पोस्टमार्टम के लिए टीम रोहतक से रवाना हुई। तब जाकर परिजन शांत हुए। उधर, सूचना मिलने पर थाना सिविल लाइन प्रभारी अशोक कुमार, नायब तहसीलदार, पूंडरी थाना प्रभारी रिछपाल सिंह और तितरम थाना प्रभारी रामकिशन भी मौके पर पहुंचे।

गरीब व्यक्ति का कोई सुनने वाला नहीं
पार्षद विक्की शर्मा का कहना है कि गरीब व्यक्ति की यहां कोई सुनने वाला नहीं है। मामूली ठेकेदार राजेंद्र सिंह के बेटे की 10 लाख रुपये के लिए हत्या कर दी गई। वह भी पुलिस को सूचित करने के बाद। पूरा दिन हो गया है पोस्टमार्टम के लिए भटक रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई को तैयार नहीं है। इसी बीच लोगों का कहना था कि जब रात को ही शव अस्पताल में आ गया था। इसके बाद अगले दिन 11 बजे उन्हें पीजीआई जाने के लिए कहा जा रहा है। यह कहां का इंसाफ है। जल्दी सुबह उन्हें बता दिया जाता तो वे दिन में वहां पोस्टमार्टम करवा लेते।

घटनाक्रम
रविवार शाम 6.10 पर अजय के घर 10 लाख की फिरौती के लिए फोन आया।
रात करीब 9 बजे अज्ञात के खिलाफ अपहरण एवं फिरौती के आरोप में केस दर्ज।
रविवार रात 11 बजे पूंडरी के पास सिरसा ब्रांच नहर पर शव मिला।
रात 12 बजे परिजनों ने शव की अजय के तौर पर शिनाख्त से इंकार किया।
रात्रि एक बजे फिर परिजनों ने जिला अस्पताल में शव देखा तो अजय के तौर पर शिनाख्त की।
सोमवार सुबह 10 बजे परिजन और शहर के लोग पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचे।
11 बजे चिकित्सकों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम से मना किया। कहा, फोरेंसिक विशेषज्ञों से संबंधित मामला है। पता नहीं चल पा रहा कि अजय को पहले हथियार से काटा गया है या फिर पहले जलाया गया है।
11 बजे तक लोगों ने डॉक्टरों को पोस्टमार्टम रूम में बंधक बनाया।
परिजन बोले, जब तक पोस्टमार्टम नहीं होगा, तब तक डॉक्टरों को बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। यदि डॉक्टर बाहर आए तो कुछ भी हो सकता है।
11.20 मिनट पर कई पुलिस थानों के प्रभारी सहित भारी पुलिस बल ने पोस्टमार्टम रूम को घेरा।
11.30 मिनट पर डॉक्टरों ने निकलने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों के गुस्से को देखते हुए वे फिर पोस्टमार्टम रूम में जा घुसे।
11.30 से एक बजे तक कई बार डॉक्टरों एवं परिजनों में बातचीत हुई। किसी ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी डॉक्टरों से बातचीत करवाई। लेकिन डा. आरपी गोयल का कहना था कि कटने एवं जलने की जांच के लिए यहां उपकरण नहीं है।
एक बजे सीएमओ डा. आरएस पूनिया मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों को लेकर सीएमओ पोस्टमार्टम रूम चले गए। आधे घंटे के बाद सीएमओ ने भी पोस्टमार्टम से हाथ खड़े कर दिए। कहा, यह विशेषज्ञों का मामला है। लोग फिर भड़क उठे तथा गाड़ी को घेर लिया। सीएमओ फिर रूम में जाकर बैठ गए।
डेढ़ बजे बजे 5-6 परिजनों को लेकर एसएचओ अशोक कुमार डीसी के पास पहुंचे। जहां परिजनों की मौजूदगी में डीसी ने पीजीआई रोहतक से विशेषज्ञों की टीम भेजने का अनुरोध किया। उनके अनुरोध पर टीम रोहतक से रवाना हो गई, तब जाकर परिजन शांत हुए।
विज्ञापन

2.45 मिनट पर पुलिस सुरक्षा के बीच पुलिस ने डॉक्टरों को पोस्टमार्टम रूम से बाहर निकाला।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें