कैथल। जिले की मुख्य आठ मंडियों में साफ सफाई पर हर वर्ष भारी भरकम राशि खर्च की जाती है लेकिन सफाई के नाम पर व्यवस्थाएं लगभग शून्य हैं। किसानों का आरोप है कि सुविधाएं केवल कागजों में हैं और सफाई के नाम पर सरकारी खजाना साफ किया जा रहा है। धरातल पर परिणाम शून्य हैं। मार्केट कमेटी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अकेले कैथल और चीका मंडी पर भारी-भरकम राशि खर्च की जाती है।
किसानों का आरोप है कि अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं जबकि ठेकेदार बिना काम किए मौज कर रहे हैं जबकि पूरे साल मंडियों में सफाई एजेंसी की जिम्मेदारी है। वर्तमान में कैथल की मुख्य अनाज मंडी के मुख्य गेटपास बूथ के ठीक आगे ही पिछले कई दिनों से गंदा और बदबूदार पानी जमा है। इस जमा पानी में लावारिस पशु घूमते रहते हैं। मंडी में सीवरेज सिस्टम ब्लॉक है। बारिश का पानी खड़ा है। कलायत में शौचालयों की स्थिति इतनी बदहाल है कि वहां कदम रखना भी दूभर है। सड़कों पर चारों तरफ गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हैं। मुख्य मंडियों में कैथल की तीन, पूंडरी, चीका, कलायत, ढांड और सीवन मंडी शामिल है।
वाटर कूलर खराब, गंदा पानी पीने को मजबूर
गुहला-चीका अनाज मंडी में धान के भुसे के अवैध ढेरों ने पूरी मंडी की सूरत बिगाड़ दी है। मंडी की खाली पड़ी जमीन पर भुसे के 50 से ज्यादा बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। इससे मंडी में बदहाली का आलम है और किसान परेशान हैं। मंडी के गेट से लेकर अंदर शेडों तक भुसा पड़ा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक यहां तक भुसे लेकर आते हैं और खाली जगह देखकर डाल जाते हैं। मार्केट कमेटी का कोई भी कर्मचारी उन्हें रोकने वाला नहीं है। मंडी में पीआर व 1509 धान की आवक शुरू हो गई है, तो दूसरी तरफ किसानों और मजदूरों को पीने के साफ पानी के लिए भी भटकना पड़ रहा है।
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किसानों ने कहा :
ठेकेदारों से मिलीभगत : भाकियू
* भाकियू चढूनी के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना का कहना है कि हर बार खरीद सीजन की शुरुआत में प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन हर सीजन में केवल अव्यवस्थाएं ही उनका स्वागत करती हैं। लाखों रुपये का बजट जारी होने के बाद भी सफाई न होना सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
सुविधाएं केवल कागजों तक : किसान
भाकियू चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला आईटी सेल प्रभारी जरनैल जैली ने कहा कि यह गुहला-चीका मंडी किसानों के लिए बनाई है, फूसा रखने के लिए नहीं। अधिकारी आंख बंद करके बैठे हैं। अगर 2 दिन में ढेर नहीं हटे तो हम डीसी से मिलेंगे और इस बारे में शिकायत सौंपेंगे।
मार्केट कमेटी कैथल के सचिव नरेंद्र ढूल का कहना है कि मंडी में सफाई व्यवस्था को लेकर हर वर्ष टेंडर होता है। एजेंसी ठेकेदार को सफाई को लेकर सख्त हिदायत दी गई है। अभी सफाई का कार्य निरंतर जारी है। खामी मिली तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिले की गुहला-चीका मंडी में फैला भुसा। संवाद
जिले की गुहला-चीका मंडी में फैला भुसा। संवाद