सीवन। गोशाला सेवा समिति के कोषाध्यक्ष प्रशांत आनंद व श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति के पूर्व प्रधान सुरेश सरदाना राजू ने धार्मिक चर्चा की। इस मौके पर कहा कि सबसे पहला काम प्रभु का नाम, फिर हर काम प्रभु के नाम। यह वाक्य हमें जीवन की सच्ची दिशा दिखाता है।
उन्होंने कहा कि प्रभु का नाम लेना आत्मा को शुद्ध और दिल को शांत करने का पहला कदम है। जब हम दिन की शुरुआत प्रभु की स्मृति से करते हैं, तो यह हमें सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह सिद्ध करता है कि हमारे जीवन का हर कार्य ईश्वर की कृपा से संभव है।
उन्होंने कहा कि ईश्वर का नाम लेना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमें अपने अहंकार को त्यागने और विनम्र बनने की शिक्षा देता है। हर काम प्रभु के नाम करने का अर्थ है अपने कार्यों में ईमानदारी और निष्ठा रखना। इससे हमारे कर्म निष्काम और पवित्र हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह विचार हमें यह भी सिखाता है कि हर कार्य का फल प्रभु के हाथ में है, इसलिए हमें केवल अपने प्रयास पर ध्यान देना चाहिए।
जीवन के उतार-चढ़ाव में ईश्वर का नाम हमें संबल प्रदान करता है। हर काम प्रभु को समर्पित करना हमारे जीवन को सार्थक बनाता है। संवाद