संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। चौशाला गांव के ग्रामीणों ने पंचायत विभाग और पाउंड अथॉरिटी के अधिकारियों पर ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए हैं। कहा कि तीन साल में भी तालाब का सुंदरीकरण पूरा नहीं हो सका।
ग्रामीण इंद्र, गोपी, दलबीर, आभे सिंह, काला राम, रोशन, रामफल, चुड़िया, छोटूराम और सुरेंद्र चौशाला ने बताया कि गांव में मौजूद चांद वाला और ढोबी तालाब के सुंदरीकरण के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये से तीन वर्ष पहले काम शुरू किया गया था। तालाब की खोदाई, घाटों का निर्माण, फुटपाथ बनाना, पौधे लगाकर तारबंदी करने का प्रावधान था।
बावजूद इसके ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया और पिछले दो वर्षों से कोई भी काम आगे नहीं बढ़ पाया। नाराज ग्रामीणों का आरोप है कि पहले जो ईंटों से घाट बनाए गए थे, ठेकेदार उन्हें भी उखाड़ कर ले गया। उन्होंने बताया कि तालाब में नहरी पानी छोड़ने की व्यवस्था भी अधूरी पड़ी है और पानी निकासी की व्यवस्था न होने से तालाब में गंदगी फैल चुकी है।
घाट निर्माण पूरा न होने की वजह से उनके पशु आए दिन चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है काम अधूरा है, लेकिन ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। उन्होंने डीसी प्रीति और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही तालाब का अधूरा निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो गांव में महापंचायत बुलाई जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों की सहमति से पंचायत विभाग और पाउंड अथॉरिटी के अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज किया जाएगा। बीडीपीओ रितु लाठर ने बताया कि तालाब का कार्य क्यों अधूरा रह गया, इसकी जांच करवाई जाएगी।