संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अप्रैल की दोपहर में तापमान बढ़ रहा है। इसके साथ ही दोपहर के समय में लू सी चलने लगी है। डीसी ने लोगों से कहा है कि हवा के गर्म थपेड़ों और बढ़े तापमान से लू लगने का खतरा बढ़ता है। सलाह दी कि गर्मी से सतर्क रहने और बचाव के लिए एहतियात बरतने का आह्वान किया है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 व न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। मौसम विभाग की ओर से 13 व 14 अप्रैल का आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना जताई है। लू से बचाव के लिए डीसी ने भी हिदायतें जारी की है।
जिला आपदा एवं प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि गर्मी के मौसम में हवा के गर्म थपेड़ों और बढ़े हुए तापमान से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर धूप में घूमने वालों, खिलाडिय़ों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को लू लगने का डर ज्यादा रहता है। लू लगने पर उसके इलाज से बेहतर है, हम लू से बचे रहें यानी बचाव इलाज से बेहतर है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा द्वारा जनहित में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसकी सभी को पालन करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा बनाए रखनी है।
ये अपनाएं उपाय
डीसी ने आह्वान किया कि गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, अपना सिर ढककर रखें, कपड़े, हैट अथवा छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं-भले ही प्यास न लगी हो, ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन), घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का मांड) नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन कर तरोताजा रहें।
नंगे पांव बाहर न जाएं, गर्मी से राहत के लिए हाथ का पंखा अपने पास रखें, काम के बीच में थोड़ा-थोड़ा विश्राम लें, खेत खलीहान में काम कर रहे हैं तो समय-समय पर पेड़ या छाया में ही आसरा लें। जंक फूड का सेवन न करें। ताजे फल, सलाद तथा घर में बना खाना खाएं। खासतौर से दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे के बीच धूप में सीधे न जाए। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी घबराहट अथवा तेज सिरदर्द हो, सीने में दर्द हो अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं।