संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कलायत/पाई। भीषण गर्मी में जिले भर में कई स्थानों पर समाजसेवी छबील लगाकर राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। ज्यादातर जगहों पर प्लास्टिक के गिलासों से परहेज कर स्टील के गिलास का प्रयोग किया जा रहा है। पर्यावरण के दृष्टिकोण से यह अच्छा कदम है।
कस्बा में पूंडरी-राजौंद मार्ग पर सोमवार को ठंडे जल की छबील लगाई। ग्रामीणों की ओर से इस छबील से आने जोन वाले राहगीरों को ठंडा जल पिलाया और गर्मी से राहत दिलवाई। ग्रामीण संजय ढुल, नरेंद्र, महावीर, दिलबाग आदि ने बताया कि जल सेवा एक पुण्य का कार्य है।
कलायत नगर में रेलवे रोड पर लगाई गई छबीलों में कहीं रूह आफजा तो कहीं लाहौरी जीरा लोगों को पिलाया गया। छबील में सेवा दे रहे अमित, पवन कुमार कैथल, शेखर, नरेश कुमार, विपुल शर्मा, रवि जैस्ट, रमन शर्मा आदि ने कहा कि ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी में प्यास से व्याकुल जीव को पानी पिलाना उसे नया जीवन देने के समान है।
एक दशक पूर्व ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं चौपालों व बैठकों में पूरे ज्येष्ठ माह पुण्य प्राप्ति के लिए मिट्टी के नए घड़ों में पानी भरकर रखती थी ताकि उन्हें गर्मी में प्यासे को पानी पिलाने का कई गुणा फल प्राप्त हो सके। पवन कुमार ने कहा कि पुराणों के अनुसार जयेष्ठ मास में तपती गर्मी राहगीरों को शरबत या मीठा जल पिलाने से परिवार में सुख शांति व समृद्धि आती है। इस बार आयोजकों ने प्लास्टिक के गिलासों का प्रयोग नहीं किया।
शेखर शर्मा ने कहा कि छबीलों के माध्यम से हम एक और तो मीठा शरबत पिलाते हैं और वह भी प्लास्टिक जैसे नुकसानदायक गिलासों में। छबील समाप्त होने के बाद हजारों की संख्या में प्लास्टिक के गिलास सड़कों पर ओर नालों में जमा हो जाते हैं जिससे पर्यावरण व आमजन को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसीलिए प्लास्टिक के गिलासों से परहेज ही किया गया है।