कैथल। खेल विभाग की ओर से ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नहीं बनाने का मामला जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री श्याम सिंह राणा के दरबार में पहुंचा। मंत्री ने खिलाड़ी की शिकायत के बाद जिला खेल अधिकारी राजरानी को बुलाया और एक सप्ताह में एसोसिएशन और विभाग से समन्वय कर खिलाड़ी को सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि खिलाड़ी मुश्किल हालातों में और कड़ी मेहनत करके पदक लाते हैं, उनके साथ ऐसा बर्ताव ठीक नहीं है। जल्द से जल्द खिलाड़ी को सर्टिफिकेट बनवाकर दें, ताकि उसको कोटे का लाभ मिल सके।
गांव टयौंठा के खिलाड़ी संदीप कुमार ने शिकायत की है कि जानबुझकर उनका ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नहीं बनाया जा रहा है। सर्टिफिकेट नहीं बनने के कारण वे ग्रुप डी की भर्ती में खेल कोटे से आवेदन से भी वंचित रह गया है। खिलाड़ी संदीप कुमार का कहना है कि खेल विभाग की ओर से गठित कमेटी ने पहले ऑब्जेक्शन लगाए और बाद में उनके आवेदन को ठीक मानकर 21 अगस्त को अंबाला भेज दिया लेकिन अब वहां से भी ऑब्जेक्शन लगा दिया गया है। जब जिला कमेटी ने आवेदन को ठीक मान लिया है तो फिर अंबाला से ऑब्जेक्शन कैसे लग गया। उन्हें परेशान किया जा रहा है।
पहले यहां आवेदन जमा करने के लिए कटवाए चक्कर ...
खिलाड़ी संदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने पहले आवेदन के लिए कई चक्कर काटे लेकिन 8 अगस्त को उनका आवेदन लिया गया और फिर ऑब्जेक्शन लगाकर हैंडबॉल एसोसिएशन को भेज दिया गया। हैंडबॉल एसोसिएशन ने दोनों ही बार विभाग को तुरंत रिप्लाई भेजा लेकिन विभाग ने सर्टिफिकेट जारी नहीं किया। अब भी वे चक्कर काटकर तंग आ चुके हैं लेकिन अधिकारी उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं दे रहे हैं।
दस्तावेज पूरे होने पर ही बनेगा सर्टिफिकेट
जिला खेल अधिकारी राजरानी का कहना है कि खिलाड़ी के दस्तावेज पूरे नहीं थे। जिला कमेटी ग्रेडेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं करती है और सिर्फ आवेदन की जांच कर उन्हें अंबाला कार्यालय में भेजती है लेकिन वहां से भी ऑब्जेक्शन लगने के कारण ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नहीं बन सका है। मामले में अधिकारियों और एसोसिएशन से बातचीत करके समाधान किया जाएगा।