संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी, कैथल। हत्या के 22 दिन बाद टयोंठा निवासी युवक अरविंद का शव 22 दिनों के बाद अमेरिका से उनके पैतृक गांव टयोंठा पहुंचा। अरविंद एक गरीब परिवार से संबंध रखता था और डोंकी के रास्ते अपनी एक एकड़ ज़मीन बेचकर अपने व अपने परिवार के सपनों को संजोने की सोच थी।
नौ सितंबर का दिन परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ बनकर टूटा था। परिवार इतना सक्षम नहीं था कि अरविंद के शव को भारत लाने का ख़र्च वहन कर सके। अरविंद की बहनों व मां बाप के विलाप को देखते हुए ग्रामीणों व विदेशों में बैठे गांव के अन्य युवाओं ने अरविंद के शव को टयोंठा मे भेजने की ठानी।
अरविंद के शव को भारत लाने में रणबीर सिंह लोहान की भी अहम भूमिका रही। शव को लाने में लगभग 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। शव गांव में पहुंचने के बाद शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब अरविंद का पूरे गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
इस अवसर पर अरविंद की बहन और माता-पिता का रो रोकर बुरा हाल था जहां ग्रामीणों में अरविंद की अंतिम दर्शन कर कुछ हद तक संतुष्टि थी। वहीं, सरकार की ओर से किसी प्रकार का सहयोग न करने का दुख भी था।
हालांकि सांसद उनके परिजनों से मिलने भी आई और शव लाने में मदद का आश्वासन भी दिया था।
यह था पूरा माला ः पूंडरी के टयोंठा गांव के 22 वर्षीय युवक अरविंद की हत्या अमेरिका में शहर कैलोफॉर्निया में बदमाशों में कर दी थी। यह युवक एक स्टोर में कार्यरत था। अरविंद साढ़े पांच महीने पहले ही डोंकी के रास्ते अमेरिका गया था। अमेरिका में पहुंचने के पांच महीने के बाद ही उसे मौत मिली।
युवक के पिता के पास एक एकड़ जमीन थी और पिता ईट-भट्ठा पर ट्रैक्टर चलाते हैं। अरविंद के पिता ने एक एकड़ जमीन बेच कर ही उसे डोंकी के रास्ते अमेरिका पहुंचाया था। अभी कैलिफोर्निया में स्टोर पर लगे एक महीना भी नहीं हुआ था। इसके बाद लूट के इरादे से पहुंचे बदमाशों ने अरविंद को गोली मार दी थी।