संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की प्रधानमंत्री की अपील किए जाने के बाद जिले के सर्राफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। इस बयान से जिले के करीब 300 सर्राफ और सुनारों में चिंता का माहौल है। व्यापारियों का मानना है कि यदि लोग इस अपील का पालन करते हैं तो इसका सीधा असर ग्राहकों की आमद पर पड़ेगा और पहले से सुस्त चल रहा कारोबार और अधिक प्रभावित हो सकता है।
सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि बाजार की स्थिति पहले से ही चिंताजनक बनी हुई है। कई छोटे सुनारों के यहां दो-दो और तीन-तीन दिनों तक बोहनी तक नहीं हो पा रही। शादी-विवाह का सीजन होने के बावजूद बाजार में पहले जैसी रौनक दिखाई नहीं दे रही है। व्यापारियों के अनुसार यदि लोग लंबे समय तक सोना खरीदने से परहेज करेंगे तो मध्यम और छोटे वर्ग के सुनारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
रेट बढ़ने की आशंका : राकेश
सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान राकेश ने कहा कि आने वाले समय में सोने के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। जिले में करीब 300 सर्राफ और सुनार इस कारोबार से जुड़े हुए हैं, जिन पर हजारों परिवारों की आजीविका निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि खरीद कम होने से बाजार में नकदी का प्रवाह घटेगा, जिसका असर अन्य संबंधित व्यापारों पर भी पड़ेगा।
व्यापार पर असर स्वाभाविक : अनीश गुप्ता
सर्राफ व्यापारी अनीश गुप्ता ने कहा कि शहर से लेकर गांव तक फैले छोटे और बड़े ज्वेलर्स के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। लंबे समय से सोने के दामों में जारी उतार-चढ़ाव के कारण व्यापार पहले ही प्रभावित चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब देश का प्रथम व्यक्ति इस तरह की अपील करता है तो यदि कुछ प्रतिशत लोग भी उस पर अमल करते हैं, तो व्यापार पर उसका असर पड़ना स्वाभाविक है।