संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विदेश में दो युवकों को बंधक बनाकर फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गोपालनगर जालंधर (पंजाब) निवासी जितेश के रूप में हुई है। आरोपियों ने दो युवकों को ईरान के तेहरान में बंधक बनाकर उनके परिजनों से फिरौती की मांग की थी।
एसपी उपासना ने बताया कि 7 सितंबर 2025 को गांव सिसला निवासी सोमिल सिंह और जिला जींद के गांव छात्तर निवासी नवीन मोर ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए जयपुर एयरपोर्ट से शारजाह होते हुए तेहरान एयरपोर्ट पहुंचे थे। इसके बाद वे कोनार्ट एयरपोर्ट पहुंचे, जो ईरान के इस्लामिक क्षेत्र में आता है और जहां आपराधिक गतिविधियों में शामिल कुछ गिरोह सक्रिय रहते हैं।
कोनार्ट एयरपोर्ट पर आरोपियों ने दोनों युवकों को अपने झांसे में लेकर उन्हें वहां से साथ ले लिया। आरोपियों ने युवकों और उनके परिजनों को बताया कि कोनार्ट में दो दिन रुकना होगा, जिसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया भेज दिया जाएगा।
विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने पीड़ितों और उनके परिवारों को ऑस्ट्रेलिया का नकली वीजा भी भेज दिया था। इसके अलावा आरोपियों ने दोनों युवकों का हवाई टिकट भी खुद ही करवाया था।
आरोपियों ने परिजनों से कहा था कि जब लड़के ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाएंगे, तब पैसे दे देना। प्रत्येक युवक के लिए 22 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
लेकिन 11 सितंबर को पीड़ितों के मोबाइल से ही उनके परिजनों को व्हाट्सएप कॉल कर बताया गया कि दोनों युवकों का अपहरण कर लिया गया है। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि 80 लाख रुपये नहीं दिए गए तो युवकों को मार दिया जाएगा या उन्हें अफगानिस्तान में बेच दिया जाएगा।
टॉर्चर करने का वीडियो भेजकर बनाया दबाव
आरोपियों ने युवकों को प्रताड़ित करने का वीडियो बनाकर उनके परिजनों को भेजा और लगातार फिरौती की मांग करते रहे। दबाव में आकर परिजनों ने आरोपियों के कहने पर 10 लाख रुपये दे दिए। इस संबंध में पीड़ितों के परिजनों की शिकायत पर थाना तितरम में मामला दर्ज किया गया और जांच स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट कैथल को सौंप दी गई। एसपी के निर्देश पर केंद्र सरकार के अधिकारियों के माध्यम से तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया गया। दूसरी ओर पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपियों से जुड़ा काफी डेटा जुटाया। पीड़ितों की जान की सुरक्षा को देखते हुए परिजनों ने बाद में आरोपियों को 35 लाख रुपये और भी दे दिए। इसके बाद तत्कालीन एसपी के प्रयासों और स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी रमेश सिंह के नेतृत्व में एएसआई तरसेम कुमार की टीम ने सूझबूझ से काम लेते हुए 22 सितंबर को तेहरान में भारतीय दूतावास की मदद से दोनों युवकों को सकुशल रेस्क्यू करवा लिया। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों युवकों को भारत भेजा गया और 25 सितंबर की सुबह उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से रिसीव किया गया।
जारी करवाया प्रोडक्शन वारंट
एसपी उपासना ने बताया कि इस मामले में पहले ही जालंधर निवासी हरीश उर्फ हैप्पी उर्फ गोपाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी जितेश पहले से ही किसी अन्य मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। उसकी गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया गया था।जांच में सामने आया कि जितेश और हरीश तेहरान में बैठे आरोपियों के लिए काम करते थे। पीड़ितों के परिजनों द्वारा दी गई 35 लाख रुपये की फिरौती की रकम जालंधर में हरीश ने प्राप्त की थी, जिसे बाद में जितेश ने तेहरान में बैठे आरोपियों के पास ट्रांसफर किया।पुलिस ने आरोपी जितेश से पूछताछ के लिए पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।