फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: नाराज पेस्टीसाइड संचालकों ने बंद रखीं दुकानें

Mon, 07 Apr 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल/राजौंद। नए बीज विधेयक के विरोध में सोमवार को जिलेभर के पेस्टीसाइड संचालकों ने हड़ताल की। संचालकों ने सरकारी नीतियों की निंदा की। हड़ताल के कारण जिलेभर में खाद व बीजों की दुकानें बंद रहीं। इस दौरान जिले के पेस्टीसाइड संचालकों ने अग्रसेन धर्मशाला में बैठक कर विरोध जताया।

नाराज दुकानदारों ने कहा कि किसी भी प्रकार की कमी होने पर खाद बनाने वाली कंपनी पर कार्रवाई हो, इसमें दुकानदारों का कोई रोल नहीं होता है।गौरतलब है कि सरकार ने नई व्यवस्था के तहत पांच हजार की बजाय पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने व दो से पांच साल की सजा का प्रावधान भी किया है।
विज्ञापन


पेस्टिसाइड एंड फर्टिलाइजर एसोसिएशन के जिला प्रधान विकास कुमार ने कहा कि कहा कि उनकी रविवार को कुरुक्षेत्र के सैनी भवन के हॉल में बैठक हुई थी। उन्होंने बताया कि फैसला लिया था कि सभी पेस्टीसाइड दवाइयां की दुकानें बंद रखी जाएंगी। यदि सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो जल्द आगामी फैसला लिया जाएगा।

विकास ने कहा कि अब नए कानून के तहत 50 लाख रुपये जुर्माना और सात साल की सजा का प्रावधान किया है। यह गलत है, जबकि मेनुफेक्चरिंग कंपनी वाले के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए न कि दुकानदार के खिलाफ। हड़ताल के सोमवार को शहर की 150 और पूरे जिले की करीब 300 दुकानें बंद रही।

इस मौके पर दिलबाग सिधू, मदनलाल शर्मा, प्रवीण सचदेवा, उपप्रधान दिलबाग सिंधू, राजू जिंदल, संजय बंसल, सुभाष गोपेरा, शिशपाल गुर्जर, महेश मक्कड़ कृष्ण कुंडू, निखिल, गौरव, प्रीतीपाल बंसल, मदन शर्मा, सुखविंदर ढुल, सोनू, दीपक आदि मौजूद रहे।

उधर, राजौंद में बैठक के दौरान किसान मजदूर कमेरा वर्ग यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष महावीर चहल नरड़ ने हड़ताल को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इन्होंने कुरुक्षेत्र में सभा बुलाकर सात दिन कुछ भी बेचने की हड़ताल कर दी। जिसका सीधा नुकसान किसानों को है क्योंकि सरसों वाले खेत में किसानों को अब मूंग या ज्वार की फसल उगानी है अगर बीज ही नहीं मिलेगा तो किसान कैसे फसल की बुआई करेगा ऐसा निर्णय लेना बिल्कुल गलत है।

युवा प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र मागो माजरी ने कहा कि लड़ाई सरकार से करो। लेकिन इस तरह किसानों को परेशान करना उचित नहीं है यूनियन के जिला अध्यक्ष बलकार मलिक खुराना ने कहा कि अगर कोई दुकानदार गलत बीज बेच ही नहीं रहा तो उनको इस कानून का कैसा डर, लेकिन हर साल किसानों को नकली बीज और दवाओं का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन


इस कारण किसानों को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान होता है। मलिक ने दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि यह फैसला किसान विरोधी है। इसको जल्द वापिस लिया जाए ताकि किसानों को फसल उगाने में कोई समस्या न हो सरकार को भी चाहिए कि जल्द इस समस्या का समाधान कर किसानों को बीज उपलब्ध करवाया जाए। इस मौके पर मनीराम मलिक, विक्रम चहल, डीसी नरड़, सुरेश कुमार, सुरेंद्र गिल प्योदा, लक्ष्य मौन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें