कैथल। खुराना रोड पर स्थित डंपिंग यार्ड में पर्यावरण क्लीयरेंस एवं लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर रखी गई जनसुनवाई में डीसी डा. संगीता तेतरवाल की मौजूदगी में जनफटकार लगी। लोगों ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए एक माह का समय दिया। चेतावनी देते हुए कहा कि एक माह में डंपिंग यार्ड को खत्म नहीं किया तो भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले धरना दिया जाएगा। लोगों के विरोध व समस्याओं को देखते हुए डीसी डा. संगीता तेतरवाल बिना उन्हें संबोधित किए कार्यक्रम से चलीं गईं। वहीं महज एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट रखे बिना किसी अधिकारी ने लोगों को संबोधित नहीं किया। बाद में डीसी ने पत्रकारों से कहा कि लोगों की मांग के अनुसार वैकल्पिक जगह तलाश कर इस यार्ड को हटाने का प्रयास किया जाएगा।
दरअसल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर परिषद सहित कई विभागों ने एनजीटी के निर्देशानुसार खुराना रोड पर स्थित डंपिंग यार्ड के कारण पर्यावरण को रहे नुकसान के संबंध में जनसुनवाई रखी थी। पहले तो इस आयोजन में सफाई कर्मचारी पहुंचे हुए थे। बाद में गांव खुराना, डेरा गदला, कालू वाली गामड़ी व कुल्तारण से भी लोग पहुंच गए। दो घंटे के इंतजार के बाद डीसी कार्यक्रम में पहुंचीं। उनके पहुंचते ही डा. भावना तिवारी ने डंपिंग यार्ड पर रखे कचरे को खत्म करके जल्द ही समाप्त कर साफ-सुथरा बनाने का 5.65 करोड़ रुपये का सुंदर सपने दिखाने वाला रोडमैप प्रस्तुत किया। डा. तिवारी ने यहां तक कहा कि यहां बदबू को खत्म करने के लिए आवश्यक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
डा. भावना की बातें लोगों के गले नहीं उतरीं। इसके बाद जैसे ही प्रश्न लेने का सत्र शुरू हुआ तो गांव खुराना के राधाकृष्ण शर्मा, बलजीत सिंह, रामचंद्र मलिक, ईश्वर नंबरदार सहित अन्य गांव के लोगों ने कहा कि इस डंपिंग यार्ड को आप लोग पक्का करने आए हो? हम इसे खत्म करवाने की मांग करते हैं। इसी बीच एक व्यक्ति ने इस डंपिंग यार्ड से खाद बनाने, हरियाली बढ़ाने व रोजगार बढ़ाने के संबंध में सवाल किया तो लोग उसके खिलाफ हो गए। इस पर गदली निवासी सुदेश नामक व्यक्ति बगले झांकने लगा। नाराज लोगों ने कहा कि यदि इससे रोजगार चाहिए तो आप इसे अपने घर ले जाइए।
यह सब रोष प्रदर्शन डीसी डा. संगीता तेतरवाल, डीएमसी कुलधीर सिंह सहित पर्यावरण विभाग के अधिकारी बैठकर चुपचाप सुनते व देखते रहे। लोगों ने कहा कि इस डंपिंग यार्ड के कारण सड़क पर घूमने वाले कुत्तों के झुंडे से होने वाले हादसों, बारिश के कारण फैली गंदगी में निकलने वाली परेशानी, मक्खी, मच्छरों की समस्या, बदबू, ट्रालियों में बिना ढके कचरा ढोने जैसी समस्याएं रखीं। इसके बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में प्रश्नकाल खत्म कर दिया। डीसी उठकर चल दीं। इसके बाद लोगों ने डीसी को फिर घेर लिया और उनसे प्रार्थना की कि इस डंपिंग यार्ड को खत्म किया जाए। बाद में उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाएगा कि दूसरी जगह तलाश कर इस डंपिंग यार्ड में नया कचरा न लाया जाए। यहां जो कचरा है, उसे खत्म किया जाएगा। कचरा प्रबंधन में जो लापरवाही की बातें सामने आ रही हैं, उनकी भी नियमानुसार जांच करवाकर सुधार किया जाएगा।