पूंडरी। गांव फरल के युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने में अग्रणी हैं। प्रदेश के सबसे लंबे व्यक्ति का रिकाॅर्ड भी फरल के नाम है। वहीं गांव ऐतिहासिक रूप से जुड़ाव रखता है। पुरातत्वविद भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं। प्राचीन टीले का उपायुक्त कैथल अभी हाल में ही गांव का दौरा कर चुकी हैं। पुरातात्विक सर्वेक्षण अधिकारी का कहना है कि फरल के प्राचीन टीले प्राचीनतम इतिहास समेटे हुए हैं। फल्गु तीर्थ पर नागर शैली में बना राधाकृष्ण मंदिर, अष्टकोणीय आधार पर 17वीं शताब्दी की मुगल शैली में बना शिव मंदिर जो कि 30 फीट ऊंचा है। दूसरा शिव मंदिर 20 फीट ऊंचा व आकार में वर्गाकार है। वर्ग की एक भुजा 9 फीट 6 इंच है।
लगातार 3 बार सरपंच बने कैप्टन विश्वपाल सिंह तंवर
कैप्टन कंवर विश्वपाल सिंह तंवर के बेटे रोहित एडवोकेट पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने बताया कि उनके पिता कंवर विश्वपाल सिंह तंवर ग्रामीणों की मांग पर सेना में कैप्टन के पद से इस्तीफा देकर गांव फरल में सर्वसम्मति से 1970 में सरपंच चुने गए। फिर लगातार 1988 तक सरपंच रहे। इसके अलावा 1965 के युद्ध में भाग लिया। कंवर विश्वपाल तंवर आईजी कंवर रणदीप सिंह के पुत्र थे।
सहायक महाप्रबंधक हरियाणा ग्रामीण बैंक पर हुए सेवानिवृत्त
गांव फरल के राजिंद्र प्रसाद शर्मा जो कि साधारण किसान परिवार से अपनी मेहनत के दम पर और पिता के सपनों को पूरा करते हुए सहायक महाप्रबंधक हरियाणा ग्रामीण बैंक के पद पर विराजमान रहे। वर्ष 2023 में सेवानिवृत्त हुए।
जनक राज राणा रहे हरियाणा के लंबे व्यक्ति
राजकुमार राणा सब इंस्पेक्टर ने बताया कि जनक राज राणा को देखने के लिए दूर दराज के गांवों के लोग आते थे। जनक राणा अपनी लंबाई व रौबदार छवि के लिए जाने जाते थे। उनकी लंबाई लगभग 7 फीट 6 इंच थी। बस की छत से नीचे खड़े होकर ही सामान उतार लेते थे। यह भी बताया गया है कि जनक राणा कुछ दिन पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के साथ बतौर अंगरक्षक भी रहे।
सेना में 28 वर्ष की सेवा के बाद कैप्टन पद हुए सेवानिवृत्त
सुखदेव शर्मा जोकि 5 राजपूत रेजीमेंट में भर्ती हुए और 1999 कारगिल विजय लड़ाई के समय वहीं अखनूर सेक्टर में तैनात रहे। उन्होंने बताया कि 2005 में कारगिल, 2006 में सियाचिन, 2009 में सिक्किम, 2013 कुपवाड़ा और वर्ष 2019 से 2021 तक पूंछ में तैनात रहते हुए वर्ष 2024 में 28 वर्ष के शानदार सफर के बाद दिल्ली से बतौर कैप्टन सेवानिवृत्त हुए।
वाॅलीबाॅल के बेहतरीन खिलाड़ी रहे महेंद्र ठाकुर
गांव फरल के महेंद्र ठाकुर वाॅलीबाॅल के बेहतरीन खिलाड़ी हैं। महेंद्र ठाकुर ने बताया कि 1994 में पटियाला से एनआईएस किया। वाॅलीबाॅल में नेशनल चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कई खिलाड़ी भी तैयार किए। खेल विभाग में उनको नौकरी भी मिल रही थी लेकिन उन्होंने कारोबार करना बेहतर समझा। उस समय की टॉप वायरलेस सर्विस पेजर में उच्च पद पर काम किया।
होम्योपैथी चिकित्सा में कर रहे हैं लोगों की सेवा -
डाॅक्टर खुशवीर कौशिक के कौशिक होम्योपैथी क्लिनिक पर देश ही नहीं विदेशों से भी मरीज आते हैं। डाॅक्टर खुशवीर कौशिक डाॅक्टर सुभाष कौशिक के बेटे हैं। देश के कोने कोने से हजारों मरीज स्वास्थ्य लाभ उठा रहे हैं। बीएचएमएस की डिग्री होल्डर डाॅ. खुशवीर आज के समय में गांव की मुख्य पहचान है। मरीज सुरेश ने बताया कि अधरंग और लकवे के इनके पास रामबाण इलाज हैं। इसके अलावा डाॅक्टर खुशवीर इलाके के दानी व्यक्तियों में शामिल हैं।
फरल का नागर शैली का राधाकृष्ण मंदिर
फरल का नागर शैली का राधाकृष्ण मंदिर
फरल का नागर शैली का राधाकृष्ण मंदिर
फरल का नागर शैली का राधाकृष्ण मंदिर
फरल का नागर शैली का राधाकृष्ण मंदिर
फरल का नागर शैली का राधाकृष्ण मंदिर
फरल का नागर शैली का राधाकृष्ण मंदिर