संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर पालिका राजौंद के अधिकारी-कर्मचारियों पर विकास कार्यों में गड़बड़ियां कर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगाए गए हैं। मामला जिला उपायुक्त और कष्ट निवारण समिति तक पहुंच चुका है। हालांकि नगर पालिका प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।
शिकायतकर्ता वार्ड नंबर-3, राजौंद निवासी राकेश राणा ने कष्ट निवारण समिति में दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि नगर पालिका राजौंद में पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से विकास और सफाई कार्यों में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं। आरोपों में नगर पालिका भवन रिपेयर कार्य में 26.34 लाख रुपये, पार्कों के सौंदर्यकरण कार्य में 34.16 लाख रुपये, गली रिपेयर कार्यों में करीब एक करोड़ रुपये, स्ट्रीट लाइट कार्यों में लगभग 31.65 लाख रुपये की कथित गड़बड़ियां शामिल हैं।
इसके अलावा नगर पालिका के ट्रैक्टर और टेंपो को किराये पर देने, डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली कंपनी को दो वर्षों तक किराये पर लगाने के बावजूद किराया नगर पालिका में जमा न कराने, धारा-35 का कथित दुरुपयोग कर करीब एक करोड़ रुपये के घोटाले, नालों की सफाई और तालाबों से पानी निकासी के कार्यों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। नगर पालिका राजौंद के सचिव नरेंद्र शर्मा ने कहा कि मामले में तीन बार जांच हो चुकी है, यहां तक कि विजिलेंस जांच भी कराई जा चुकी है। सभी जांचों में नगर पालिका के कार्य नियमानुसार पाए गए हैं। सचिव ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता बेवजह दबाव बनाने और अधिकारियों को परेशान करने का प्रयास कर रहा है।