कलायत। मॉडल गांव ढूंढवा में एक बार फिर से पेयजल प्रबंधन के नाम पर जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। इसमें क्रियाशील पानी पंपों को खराब खाकर सरकार के बजट का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।
इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता पवन कुमार ने शासन-प्रशासन को शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जन स्वास्थ्य विभाग में पंप के नाम पर गोलमाल करने की साजिश चल रही है। इसमेंं मुख्य रूप से विभाग की तकनीकी टीम सक्रिय हैं। ये लोग उप मंडल व अन्य अधिकारियों को गुमराह कर निजी फायदे के लिए सरकारी बजट का अनावश्यक प्रयोग कर रहे हैं। यही वजह है कि जो पेयजल पंप सही तरह से काम कर रहा है, उसे सरकारी अवकाश की आड़ में आनन-फानन उखाड़ते हुए नया पंप लगाया जा रहा है जबकि जहां रिपेयर व नव निर्माण की जरूरत है, उसकी अनदेखी की जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अधिकारी उपयोगी पंपों को खराब दिखाकर नए पंप लगाने के नाम पर गड़बड़ी कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओंं का आरोप है कि विभाग ने कई जगहों पर पुराने और कार्यशील पंपों व अन्य उपकरणों को जानबूझकर खराब घोषित कर नए पंप खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर रखी है। शपथ पत्र में जन स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ इंद्राज पंवार ने बताया कि विभाग का लक्ष्य साफ जल की सप्लाई घरों तक पहुंचाना है। इसके तहत विभिन्न नव निर्माण व रिपेयर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ढूंढवा गांव में पुराने पंप को उखाड़ कर नए पंप लगाने के संबंध में अभी लिखित रूप से प्रक्रिया अनुसार कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने नियम अनुसार कार्रवाई होगी।