संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। हरियाणा-पंजाब सीमा से गुजरने वाली घग्गर नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को पटियाला रोड स्थित गांव टटियाना के पुल पर पानी का स्तर देर शाम 22 फीट तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से केवल एक फीट कम है। इससे तटवर्ती गांवों के किसानों और ग्रामीणों की चिंता गहराती जा रही है।
सोमवार को घग्गर में 42,342 क्यूसेक पानी दर्ज हुआ था, वहीं मंगलवार को यह बढ़कर 44,484 क्यूसेक हो गया। प्रशासन को आशंका है कि रात तक जलस्तर और बढ़ सकता है। फिलहाल तटबंधों के किनारों तक पानी पहुंच चुका है। बाढ़ से बचाव के लिए जिले में एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें पहुंच चुकी हैं। वहीं, पंजाब बॉर्डर से लगे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने पटवारी और ग्राम सचिवों को गांवों में निगरानी का जिम्मा सौंपा है।
पंजाब बॉर्डर पर विवाद ः पंजाब के जुलाहा खेड़ी गांव में तटबंध टूटने से हरियाणा के किसानों की चिंता और बढ़ गई है। आशंका है कि इससे उनकी फसलें जलमग्न हो सकती हैं। किसानों ने खुद मिट्टी के कट्टों से तटबंध को पाटने की कोशिश की, लेकिन पंजाब के ग्रामीणों और सरपंच ने इसका विरोध किया। मामला बढ़ने पर पटियाला एसडीएम हरजोत कौर मौके पर पहुंचीं और हरियाणा के किसानों को रोक दिया। उन्होंने कहा कि यह हिस्सा पंजाब के अधीन है, और इसका निर्णय उच्च अधिकारियों द्वारा लिया जाएगा। इससे हरियाणा के किसानों में डर है कि जलस्तर बढ़ने से उनकी फसलें बर्बाद हो सकती हैं।
आम जनता के लिए हिदायतें ः बारिश के मौसम में ग्रामीण स्वयं और अपने बच्चों को नदियों, नहरों, नालों व तालाबों के पास न जाने दें। जलस्तर अचानक बढ़ने से अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन की तैयारियां
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डीसी प्रीति ने अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील गांवों में सरपंचों, चौकीदारों को ठीकरी पहरा लगाने के आदेश दिए गए हैं।
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5 सितंबर तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। अधिकारियों को मुख्यालय और पटवारी व ग्राम सचिवों को अपने-गांवों में मौजूद रहने को कहा गया है।
मुसीबत में हो तो करें संपर्क
कंट्रोल रूम (01743-221555), कैथल हेल्पलाइन नंबर (01746-234528)