संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय, चीका में बारिश और घग्गर नदी के बढ़ते जल स्तर के संदर्भ में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने स्टेशन पर तैनात रहें और अलर्ट मोड पर रहें।
घग्गर के पास स्थित गांवों में टीमें गठित की जाएंगी, जो लगातार स्थिति का जायजा लेंगी और लोगों को जागरूक करेंगी। इन टीमों में ग्राम सचिव, सरपंच, चौकीदार, लाइनमैन और शिक्षा विभाग से एक सदस्य शामिल होंगे। किसी भी समस्या की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाएगी, ताकि समय रहते राहत प्रदान की जा सके। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित स्थान चिन्हित किए जाएं और स्थानीय सामाजिक संस्थाओं द्वारा राहत सामग्री का वितरण सही तरीके से सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एंबुलेंस, फर्स्ट एड और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आशा वर्कर और एएनएम अपने-अपने गांवों में स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।
बिजली विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जलभराव से विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर लाइनमैन और स्टाफ ड्यूटी पर रहकर आपूर्ति सुनिश्चित करें। आमजन से अपील की गई है कि वे ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग करें और कोई अफवाह न फैलाएँ। सोशल मीडिया पर पुराने बाढ़ वीडियो और फोटो शेयर न करें। इस मौके पर नायब तहसीलदार बंसीलाल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जगजीत सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी बलबीर कश्यप, सिंचाई विभाग से एसडीओ अजमेर सिंह, बिजली विभाग से एसडीओ राहुल यादव, डॉ. अमन बंसल तथा पटवारी आदि मौजूद रहे।
बीडीपीओ ने ली खंड सरपंचों की बैठक
गुहला-चीका। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जगजीत सिंह ने सरपंचों की बैठक लेकर संभावित जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांव में किए गए प्रबंधों व अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन के साथ सांझा जरूर करें।
सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और न ही पुरानी वीडियो को सोशल मीडिया पर जारी किया जाए। ग्रामीणों को इस बारे में पूर्णत: जागरूक किया जाए। कंडम बिल्डिंगों की पहचान की जाए और वहां पर किसी भी ग्राम वासी को न जाने दें। पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। खाली कट्टों व मिट्टी से भरे कट्टों की उपलब्धता अपने पास जरूर रखें। संवाद