कुरुक्षेत्र के सियासी रण में कैथल पर दारोमदार
भले ही लोस क्षेत्र कुरुक्षेत्र के नाम पर, मतदाताओं की संख्या कैथल जिले में है अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लोकसभा चुनाव के दौरान कुरुक्षेत्र के रण में कैथल जिले के मतदाताओं की भागीदारी बड़ी है। भले ही लोकसभा क्षेत्र कुरुक्षेत्र के नाम पर है, लेकिन संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या कैथल जिले में अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार, कुरुक्षेत्र लोकसभा में कुल 17 लाख 75 हजार 396 मतदाता हैं। इसमें कुरुक्षेत्र जिले में सात लाख 57 हजार मतदाता हैं जबकि कैथल जिले में आठ लाख 11 हजार 623 मतदाता हैं। ऐसे में यह कहना कहना नहीं होगा कि कैथल के मतदाताओं के रुख से ही उम्मीदवारों की जीत-हार तय होती है। पिछले दो चुनावों में भी कैथल के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया था।
साहित्यकार डॉ. अमृत लाल मदान ने बताया कि जनसंख्या और मतों के अनुसार, वर्ष 1957 से लेकर 1971 तक कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र कैथल के नाम से था। इस सीट से तत्कालीन प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा ने स्वयं चुनाव लड़कर दो बार भारी मतों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उनकी मांग पर ही कैथल की सीट को कुरुक्षेत्र लोकसभा में बदल दिया गया था।
कुरुक्षेत्र लोकसभा में यह है मतदाताओं की संख्या-
जिला कैथल-
गुहला 191299
कलायत 212731
कैथल 216885
पूंडरी 190708
जिला कुरुक्षेत्र-
लाडवा 193170
शाहबाद 169691
थानेसर 210019
पिहोवा 184482
जिला यमुनानगर-
रादौर 206411