कलायत। भारी धुंध और ठंड ने जिंदगी की रफ्तार पर भले लगाम लगा दी हो लेकिन यह मौसम गेहूं की फसल के लिए मुफीद बताया जा रहा है।
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. रमेश वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया। उन्होंने बताया की आने वाले दो दिनों में बरसात अपेक्षित है जिससे अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज होगी और रात्रि का तापमान गिरेगा।
सोमवार के बाद से मौसम आमतौर पर साफ रहने वाला है। डाॅ. वर्मा ने बताया की पड़ रही धुंध व ठंडक गेहूं की फसल के लिए बहुत ही लाभदायक है। गेहूं की फसल में फुटाव बहुत अच्छा हो रहा है उसके चलते पैदावार बहुत अच्छी रहने की संभावना है। मौसम को देखते हुए आवश्यकतानुसार सिंचाई व उर्वरकों का प्रयोग करें।
उन्होंने बताया की सब्जियों पर ठंड की मार पड़ रही है। मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना को देखते हुए सब्जियों व फलदार पौधों में आवश्यकतानुसार निराई गुड़ाई करें। उन्होंने बताया कि भारी ठंड के कारण से सरसों की फसल में भी अपेक्षित फुटाव देखने को मिल रहा है। इस मौसम में सरसों में सफेद रतुआ आने की संभावना प्रबल है।
अगर किसान को सरसों की फसल में सफेद रतुआ नामक बीमारी के लक्षण नजर आएं तो कृषि विशेषज्ञों की सलाह से उसका उपचार करें। यदि सरसों की फसल में सिंचाई की सोच रहे हैं तो दो दिन के मौसम को देख कर ही करें।
रेंगते दिखे वाहन
कोहरे के कारण शुक्रवार को वाहन चालकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सुबह 10 बजे के बाद जा कर कोहरा छंटा और हवाओं ने ठंडक बढ़ा दी। दिन कब निकला और सांझ कब हुई पता ही नहीं चला। दिन भर दुकानदार अलाव से सेकते नजर आए। रामू, असीम, अमित आदि दुकानदारों का कहना है कि भारी ठंड के कारण दुकानदारी प्रभावित हो रही है। संवाद
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ